चार साल पहले समस्तीपुर में जिसकी हुई थी हत्या, वह नोएडा में जिंदा मिला, कई लोग जा चुके जेल
Samastipur Murder Case : चार साल पहले समस्तीपुर में मृत घोषित किया गया रवि शंकर नोएडा में जिंदा मिला, जिसके ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में कथित तौर पर मृत युवक व रोसड़ा थाना पर हंगामा करते लोग।
HighLights
चार साल पहले मृत घोषित युवक नोएडा में मिला जिंदा।
हत्या के आरोप में जेल गए लोग अब हुए बरी।
पुलिस के पुराने अनुसंधान पर उठे गंभीर सवाल।
संवाद सहयोगी, रोसड़ा (समस्तीपुर)। चार साल पहले जिस युवक की हत्या का मामला दर्ज हुआ, जिसके नाम पर तीन लोगों को जेल भेज दिया गया और एक ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, वही युवक 4 अक्टूबर को अचानक जिंदा मिल गया।
वह भी अपने गांव से सैकड़ों किलोमीटर दूर नोएडा में फल की दुकान पर काम करते हुए। गांव के एक युवक ने उसे देखा तो पहले अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ।
पहचान पक्की होने के बाद जब इसकी सूचना गांव पहुंची तो पूरे मामले में खलबली मच गई। ग्रामीण उसे लेकर सीधे रोसड़ा थाना पहुंचे और पुलिस को सौंप दिया। इसके साथ ही पुलिस के पुराने अनुसंधान पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने थाने में जमकर हंगामा किया।
चार साल पहले दर्ज हुई थी हत्या की प्राथमिकी
मामला रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव का है। 8 अगस्त 2022 को गांव निवासी मदन यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें गांव के ही सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और दिनेश पंडित को नामजद किया गया था। मदन ने पुलिस को बताया था कि उसका दिव्यांग पुत्र रवि शंकर सहदेव के यहां काम करता था। वह बगीचे में काम करने गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा।
इसी बीच मदन को गुप्त सूचना मिली कि ट्रैक्टर पलटने से उसके पुत्र की मौत हो गई है और आरोपितों ने शव को ठिकाने लगा दिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच की और घटना को सत्य करार देते हुए तीनों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक अन्य आरोपित ने बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। वर्तमान में सभी आरोपित जमानत पर बाहर हैं।
नोएडा में फल की दुकान पर अचानक दिखा
चार साल बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। गांव का ही आकाश नामक युवक नोएडा में एक फल दुकान पर पहुंचा। वहां काम कर रहे युवक पर उसकी नजर पड़ी तो वह ठिठक गया। चेहरा जाना-पहचाना लगा। ध्यान से देखने पर उसे लगा कि यह कोई और नहीं, बल्कि वही रवि शंकर है, जिसे चार वर्ष पहले मृत मान लिया गया था।
आकाश ने पहले अपने साथियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंचे और युवक की पहचान की। सभी ने उसे रवि शंकर के रूप में पहचान लिया। बताया गया कि युवक बोल नहीं सकता है। ग्रामीणों ने गांव में फोन कर स्वजन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसे अपने साथ लेकर समस्तीपुर पहुंचे।
जिंदा युवक को थाने पहुंचाया तो पुलिस भी रह गई हैरान
रविवार को ग्रामीण रवि शंकर को लेकर रोसड़ा थाना पहुंचे और उसे पुलिस को सौंप दिया। युवक के जिंदा मिलने की जानकारी मिलते ही उसके स्वजन में खुशी की लहर दौड़ गई।
दूसरी ओर, हत्या के मामले में जेल जा चुके आरोपितों के स्वजन भी राहत महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि युवक जिंदा था तो चार वर्ष पूर्व हत्या का मामला किस आधार पर सत्य करार दिया गया और निर्दोष लोगों को जेल क्यों भेजा गया।
इसी सवाल को लेकर ग्रामीणों ने थाने में हंगामा किया। वे मामले की दोबारा जांच कराने और पूर्व में अनुसंधान करने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने लोगों को समझाकर शांत कराया और पूरे मामले में समुचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
अब चार साल पुराने मामले की खुलेगी परत
रवि शंकर के जिंदा मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह चार साल तक कहां रहा और इस दौरान उसके स्वजन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। पुलिस अब युवक से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी।
साथ ही वर्ष 2022 में दर्ज हत्या की प्राथमिकी और उस समय किए गए अनुसंधान की भी नए सिरे से पड़ताल की जरूरत सामने आ गई है। चार साल बाद जिंदा मिले युवक ने पुलिस की उस पूरी कहानी को सवालों के घेरे में ला दिया है, जिसके आधार पर चार लोगों को हत्या के मामले में आरोपित बनाया गया था।
