समस्तीपुर में लेडी रोसेटा आलू की खेती पर किसानों को मिलेगा बंपर अनुदान, 3 प्रखंडों में योजना लागू
समस्तीपुर जिले में लेडी रोसेटा आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 75% अनुदान दिया जा रहा ...और पढ़ें

समस्तीपुर में लेडी रोसेटा आलू की खेती पर किसानों को मिलेगा बंपर अनुदान
HighLights
लेडी रोसेटा आलू खेती पर 75% अनुदान।
समस्तीपुर के तीन प्रखंडों में योजना लागू।
किसानों की आय बढ़ाने का मुख्य लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। चिप्स और फ्रेंच फ्राइज बनाने में उपयोग होने वाले लेडी रोसेटा आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। योजना के तहत तीन प्रखंडों की चयनित पंचायतों के किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
कल्याणपुर प्रखंड की हजपुरवा पंचायत के मदनपुर, हजपुरवा, बख्तियारपुर और भरडीमल, खानपुर प्रखंड की रेवड़ा पंचायत के जगदीशपुर, पकहा और रेवड़ा तथा उजियारपुर प्रखंड की बेलामेघ पंचायत के बेलामेघ और महंथी गांव को चुना गया है।
बीज सहित प्रति हेक्टेयर खेती की अनुमानित लागत 1,25,150 रुपये तय की गई है। किसानों को लागत का 75 प्रतिशत यानी 93,863 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। राशि दो किस्तों में दी जाएगी।
पहली किस्त में इनपुट और उपादान खरीदने के लिए 70,397 रुपये दिए जाएंगे। रोपाई के बाद भौतिक सत्यापन होने पर दूसरी किस्त के रूप में 23,466 रुपये मिलेंगे।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि राज्य स्कीम मद से वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त लेडी रोसेटा आलू का क्षेत्र विस्तार करने की योजना को स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य प्रसंस्करण योग्य आलू का उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आमदनी में वृद्धि करना है। रबी मौसम में आलू की खेती नवंबर के दूसरे सप्ताह तक सफलतापूर्वक की जाती है।
दो हेक्टेयर तक खेत पर मिलेगा लाभ
योजना में न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.10 हेक्टेयर) और अधिकतम पांच एकड़ (2.00 हेक्टेयर) में खेती करने वाले किसान लाभ ले सकेंगे।
रैयत किसानों के साथ पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले भूमिहीन किसान भी इकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी
आवेदन के लिए डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। आवेदन बिहार कृषि ऐप के माध्यम से स्वीकार होंगे और लाभुकों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। पिछले वर्षों में योजना का लाभ ले चुके किसानों को चालू वित्तीय वर्ष में दोबारा लाभ नहीं मिलेगा।
