औरंगाबाद जिले में बनेंगे 80 मशरूम हट, किसानों को मिलेगा अनुदान
औरंगाबाद जिले में किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने और मशरूम उत्पादन बढ़ाने के लिए आकांक्षी प्रखंड योजना के तहत 80 मशरूम हट बनाए जाएंगे।

औरंगाबाद जिले में बनेंगे 80 मशरूम हट, किसानों को मिलेगा अनुदान (AI Generated Image)
HighLights
औरंगाबाद में 80 मशरूम हट का होगा निर्माण।
किसानों को 1.44 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
प्रति हट 20-30 क्विंटल मशरूम उत्पादन का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जिले में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से आकांक्षी प्रखंड योजना के तहत 80 मशरूम हट का निर्माण कराया जाएगा।
जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बुधवार को योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और अन्य पंजीकृत संगठन इसका लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग के अंतर्गत संचालित इस योजना का लाभ जिले के चार आकांक्षी प्रखंडों मदनपुर, कुटुंबा, देव एवं नबीनगर की सभी 80 पंचायतों को मिलेगा।
प्रत्येक पंचायत में एक मशरूम हट का निर्माण कराया जाएगा। एक हट के निर्माण पर 1.80 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें लाभार्थी को 36 हजार रुपये अंशदान देना होगा, जबकि शेष 1.44 लाख रुपये सरकार वहन करेगी।
निर्माण निर्धारित एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक चयनित लाभार्थी को मशरूम उत्पादन के लिए दो हजार किट मुफ्त दी जाएंगी।
एक हट से 20 से 30 क्विंटल मशरूम होगी उत्पादन
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि एक मशरूम किट से औसतन एक से डेढ़ किलोग्राम मशरूम का उत्पादन हो सकता है।
45 से 60 दिनों के एक उत्पादन चक्र में प्रति हट लगभग 20 से 30 क्विंटल मशरूम उत्पादन होगी।
इससे किसानों और समूहों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। उत्पादित मशरूम की बिक्री लाभार्थी स्वयं कर सकेंगे।
किसानों और समूहों को देना होगा आवेदन
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि लाभ लेने वाले किसानों को कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), महिला स्वयं सहायता समूह, जीविका समूह तथा आत्मा के अंतर्गत पंजीकृत समूह आवेदन कर सकते हैं।
आवेदक के नाम पर लगभग 1500 वर्गफीट भूमि उपलब्ध होना जरूरी है। मशरूम हट के लिए 30×50 फीट अथवा 50×30 फीट आकार की जमीन होनी चाहिए।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, जमीन के कागजात, किसान पंजीकरण प्रमाणपत्र और शपथपत्र संलग्न करना होगा। एक पृष्ठ का आवेदन जिला कृषि कार्यालय में जमा करना है।
प्राप्त आवेदनों की जांच जिला स्तरीय समिति करेगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, लॉटरी से पंचायतवार लाभार्थियों का चयन होगा। चयनित लाभार्थियों को कार्यादेश जारी किया जाएगा।
निर्माण से पहले उन्हें 36 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जिला योजना पदाधिकारी के नाम से बनवाकर जिला योजना कार्यालय में जमा करना होगा।
चयन में निर्धारित कोटिवार आरक्षण का भी पालन किया जाएगा। इसके लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर से बढ़ाकर दो नवंबर 2026 कर दी गई है।
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