समस्तीपुर शिक्षा विभाग में एचआरएमएस छेड़छाड़ से 1.98 करोड़ की अवैध निकासी डीईओ से मांगा स्पष्टीकरण
Samastipur Education Department: समस्तीपुर शिक्षा विभाग में एचआरएमएस प्रणाली से छेड़छाड़ कर करीब 1.98 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का ...और पढ़ें
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एरियर मद में करीब 1 करोड़ 98 लाख 58 हजार 333 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई है।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Education Department: बिहार के समस्तीपुर जिले से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है।
जिले के शिक्षा विभाग में एचआरएमएस (HRMS) प्रणाली से छेड़छाड़ कर वेतन, मकान किराया भत्ता और एरियर मद में करीब 1 करोड़ 98 लाख 58 हजार 333 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई है।
पूरे जिले में ऐसे 184 मामले उजागर हुए हैं। हालांकि, मामला उजागर होने के बाद विभागीय स्तर पर अवैध रूप से निकाली गई पूरी राशि की शत-प्रतिशत वसूली कर ली गई है।
डीईओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को शिक्षा विभाग ने बेहद संजीदगी से लिया है। विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
डीईओ को सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने का सख्त निर्देश दिया गया है। विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि जिले में कार्यरत मेकर, चेकर और अप्रूवर की मिलीभगत से एचआरएमएस पोर्टल पर कूट रचना की गई थी।
नियमों का खुला उल्लंघन
निदेशक ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए पूछा है कि इस कदाचार के लिए क्यों न उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।
चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
डीईओ को भेजे गए पत्र में इस प्रकरण को बिहार कोषागार संहिता, 2011 और बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियमों के विरुद्ध बताया गया है।
सभी मामलों की होगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (REDD) खुद एक विशेष टीम के साथ समस्तीपुर पहुंचेंगे और सभी 184 मामलों की अलग-अलग सूक्ष्म जांच करेंगे।
इस दौरान अवैध निकासी के तौर-तरीकों और इसमें संलिप्त सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका की तह तक पड़ताल की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर रोक लगाई जा सके।