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शिक्षा का मतलब सिर्फ नौकरी नहीं, RPCAU के प्रदक्षिणा कार्यक्रम में वीसी ने छात्रों को बताए सफलता के मंत्र

By AJAY PANDEYEdited By: Ajit kumar
Published: Sat, 19 Sep 2026 02:18 PM (IST)

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में नवप्रवेशित छात्रों के लिए 21 दिवसीय दीक्षारम्भ कार्यक्रम 'प्रदक्षिणा' का समापन हुआ, ...और पढ़ें

प्रदक्षिणा समारोह में उपस्थित अतिथि और छात्र। सौ. विश्वविद्यालय

प्रदक्षिणा समारोह में उपस्थित अतिथि और छात्र। सौ. विश्वविद्यालय


HighLights

  1. पूसा में 21 दिवसीय दीक्षारम्भ 'प्रदक्षिणा' कार्यक्रम का समापन हुआ।

  2. कुलपति ने चरित्र निर्माण, राष्ट्रप्रेम और समाज सेवा पर जोर दिया।

  3. डिजिटल कृषि, स्टार्टअप और शोध के अवसरों पर चर्चा हुई।

जागरण संवाददाता, पूसा (समस्तीपुर)।RPCAU Pusa News: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 21 दिवसीय दीक्षारम्भ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर भव्य 'प्रदक्षिणा' समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय और मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी मौजूद रहे।

ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी ने क्षिति सभाकक्ष का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और शोध संस्थानों का विस्तृत भ्रमण किया।

पूसा मॉडल की सराहना

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि अनुसंधान और दीक्षारंभ की जननी पूसा में इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना गर्व की बात है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में दीक्षारम्भ कार्यक्रम की शुरुआत इसी विश्वविद्यालय से हुई थी। आज यह पूरी आईसीएआर व्यवस्था के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन चुका है। 

डिजिटल कृषि में योगदान

उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि पूसा डिजिटल कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है।

यहां ड्रोन, एआई, प्रिसिजन फार्मिंग और नेचुरल फार्मिंग पर बेहतर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों को भी पूसा से प्रेरणा लेनी चाहिए।

स्टार्टअप के अपार अवसर

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आईसीएआर और भारत सरकार एग्री-स्टार्टअप तथा शोध के अपार अवसर दे रही है।

छात्रों द्वारा प्रदक्षिणा कार्यक्रम में देश को विकसित बनाने का लिया गया संकल्प सराहनीय है। उन्होंने छात्रों से इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।

चरित्र निर्माण पर जोर

अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ डिग्रियां बांटना नहीं है।

संस्थान का मूल ध्येय विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और देशभक्ति का विकास करना है। एक सच्चा वैज्ञानिक वही है जिसमें समाज के प्रति संवेदना और राष्ट्रप्रेम हो।

शिक्षा का वास्तविक अर्थ

कुलपति ने कहा कि शिक्षा का मतलब केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज को योगदान देना है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भाव अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है।

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