पूसा कृषि विश्वविद्यालय में 3 दिसंबर से किसान मेला, बैलगाड़ी की सवारी से ग्रामीण संस्कृति का अनुभव
Agritourism In Bihar: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में 3 से 5 दिसंबर तक किसान मेला आयोजित होगा। ...और पढ़ें

पूसा कृषि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन। सौ. विश्वविद्यालय
जागरण संवाददाता, पूसा (समस्तीपुर)। Pusa Kisan Mela: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में इस वर्ष का किसान मेला तीन से पांच दिसंबर तक आयोजित होगा।
मेले की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने आयोजन को सफल बनाने के लिए 20 से अधिक समितियों का गठन किया है।
किसानों की सुविधा सर्वोपरि
समीक्षा बैठक के दौरान कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसान मेला विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें बिहार के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में किसान हिस्सा लेते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगंतुकों के लिए पीने के पानी और शौचालय की बेहतर व्यवस्था रहे।
ठहरने का पुख्ता इंतजाम
ठंड के मौसम को देखते हुए दूरदराज से आने वाले किसानों के लिए रजाई और गद्दे की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के साथ ही किसी आपात स्थिति में त्वरित निकासी का प्लान तैयार किया गया है। कुलपति ने सभी समितियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाने का निर्देश दिया।
बैलगाड़ी की अनूठी पहल
आजकल शहरों में बैलगाड़ी देखने को नहीं मिलती, ऐसे में बच्चों और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की अनोखी पहल की जा रही है।
एग्री टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिसर में लोगों के लिए बैलगाड़ी की सवारी की व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण संस्कृति जीवंत होगी और विश्वविद्यालय को आय का जरिया भी मिलेगा।
कृषि स्टॉलों की बिक्री
इस तीन दिवसीय मेले में केंद्र व राज्य सरकार के कृषि मंत्रियों के साथ कई सांसदों के शामिल होने की संभावना है। मेले में उन्नत बीज, कृषि यंत्र, जैविक खेती, पशुपालन और डिजिटल एग्रीकल्चर से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। स्टॉलों की बिक्री शुरू हो चुकी है और प्रति स्टॉल शुल्क आठ हजार रुपये रखा गया है।
