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पीएम आवास योजना की पहली, दूसरी व तीसरी किस्त कब होगी जारी? समस्तीपुर के मोरवा में बीडीओ ने की समीक्षा

By Deepak Sharma Edited By: Ajit kumar
Published: Wed, 08 Apr 2026 12:21 PM (GMT+05:30)

Pm Awas Yojana Installment: समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड कार्यालय में बीडीओ अरुण कुमार निराला ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की ...और पढ़ें

मोरवा बीडीओ ने आवास योजना के लंबि‍त कार्यों को जल्‍द पूरा करने को कहा। फोटो: जागरण

मोरवा बीडीओ ने आवास योजना के लंबि‍त कार्यों को जल्‍द पूरा करने को कहा। फोटो: जागरण

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संवाद सहयोगी, मोरवा (समस्तीपुर)। PMAY G Payment Status: मोरवा प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार निराला ने की। इस दौरान योजना से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों और निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

लंबित मामलों पर विशेष फोकस

बैठक में जॉब कार्ड, स्वीकृति प्रक्रिया, पहली, दूसरी और तीसरी किस्त के भुगतान की स्थिति, थ्री-स्टेज कंप्लीशन तथा आवंटन के अनुरूप निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।

पारदर्शिता और पात्र लाभुकों पर जोर

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक शशिकांत शशि, लेखापाल रौशन कुमार चौधरी, कार्यपालक सहायक अर्पण कुमारी सहित कई आवास सहायकों और संबंधित कर्मियों ने भाग लिया।

योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। यह ‘सबके लिए आवास’ मिशन का अहम हिस्सा है।

कब और कैसे मिलती है किस्त?

इस योजना के तहत लाभार्थियों को तीन चरणों में राशि दी जाती है:

  • पहली किस्त: निर्माण शुरू करने के लिए (जमीन स्तर)
  • दूसरी किस्त: लिंटल स्तर तक निर्माण पूरा होने पर
  • तीसरी किस्त: छत डालने के बाद अंतिम चरण में

यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।

कितनी मिलती है आर्थिक मदद

मैदानी क्षेत्रों में लाभार्थियों को ₹1.20 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत मजदूरी का भी लाभ मिलता है।

बिहार में योजना की स्थिति

राज्य में योजना का बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन जारी है। अब तक लाखों आवास पूरे हो चुके हैं और ‘आवास प्लस’ सर्वे के जरिए छूटे हुए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है।

समस्तीपुर में अपडेट

समस्तीपुर जिले में भी नई सूची के आधार पर लाभुकों का चयन और सत्यापन किया जा रहा है। परमानेंट वेटिंग लिस्ट के अनुसार पात्र लोगों को किस्त जारी की जा रही है, जबकि पहले छूटे लोगों को भी शामिल किया जा रहा है।