क्या फिर लौटेगी ठंड? दिल्ली व हिमाचल में बारिश के बाद उत्तर बिहार के आसमान में छाए बादल
IMD forecast Bihar: दिल्ली और हिमाचल में बारिश के बाद उत्तर बिहार में मौसम बदल रहा है। पूसा कृषि विश्वविद्यालय ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।
HighLights
उत्तर बिहार में रात और सुबह बढ़ेगी ठंड।
मौसम 28 जनवरी 2026 तक मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।
किसानों को ठंड से बचाव हेतु सतर्क रहने की सलाह।
संवाद सहयोगी, पूसा (समस्तीपुर)। North Bihar weather forecast: दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव का असर अब उत्तर बिहार में भी दिखने लगा है। शनिवार को दोपहर बार यहां के आसमान में बादल छा गए। इसके बाद फिर से लोगों को ठंड के लौटने की आशंका सताने लगी है।
हालांकि ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 जनवरी 2026 तक उत्तर बिहार में मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही रहेगा, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
रात में ठंड बढ़ने का अनुमान
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में आसमान सामान्यतः साफ रहेगा। कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जबकि रात्रि में तापमान गिरने से ठंड महसूस होगी।अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
पछिया का प्रभाव बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान पश्चिमी (पछिया) हवा 4 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान है। हालांकि 24 जनवरी को पुरबा हवा चलने की संभावना जताई गई है।सापेक्ष आर्द्रता सुबह के समय 80 से 90 प्रतिशत और दोपहर में 35 से 45 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिकतम तापमान लगभग 4 डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री कम है।
खेती के अनुकूल मौसम
इसके चलते दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का असर बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ इलाकों में सुबह-शाम हल्का कुहासा भी देखने को मिल सकता है।कृषि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुष्क मौसम और साफ आसमान के कारण खेती के कार्यों के लिए मौसम अनुकूल रहेगा। हालांकि, ठंड को देखते हुए किसानों को सुबह-शाम सतर्कता बरतने और फसलों की निगरानी की सलाह दी गई है।



