बिहार में NEET परीक्षा में गड़बड़ी पर शिक्षक को झटका, दो वेतनवृद्धियों पर रोक बरकरार
समस्तीपुर में नीट (यूजी) परीक्षा में अनियमितता के आरोप में शिक्षक मनोज कुमार झा की अपील खारिज हो गई है। ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। नीट (यूजी) के संचालन में अनियमितता में आरएसबी इंटर विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक सह तत्कालीन केंद्राधीक्षक मनोज कुमार झा को अपीलीय स्तर पर राहत नहीं मिली।
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, दरभंगा प्रमंडल ने उनकी अपील खारिज करते हुए दो वार्षिक वेतनवृद्धियों पर रोक लगाने सहित पूर्व में दिए गए दंड को बरकरार रखा है।
आदेश सात अक्टूबर को जारी किया गया है। शिक्षक मनोज कुमार झा पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट (यूजी) परीक्षा के दौरान बिना सक्षम प्राधिकार की पूर्व अनुमति के बाहरी जिलों के शिक्षकों से वीक्षण कार्य कराने का आरोप था।
इसे परीक्षा संचालन में निर्धारित प्रक्रिया और पदीय दायित्वों के उल्लंघन से जुड़ा माना गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुमोदन के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने 23 जून, 2025 को दंडादेश जारी किया था।
इसके तहत शिक्षक की दो वार्षिक वेतनवृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक लगाने के साथ भविष्य में किसी भी परीक्षा में केंद्राधीक्षक या वीक्षक के रूप में कार्य करने पर भी रोक लगाई गई थी।
समीक्षा के बाद क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने शिक्षक के विरुद्ध की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई में हस्तक्षेप का आधार नहीं पाया और अपीलवाद खारिज कर दिया।
दंडादेश के विरुद्ध शिक्षक ने आठ जुलाई, 2026 को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, दरभंगा प्रमंडल के कार्यालय में अपील दायर की थी। मामले की सुनवाई 19 और 28 अगस्त को हुई। इस दौरान अपीलार्थी शिक्षक, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और स्थापना शाखा के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान तीन मई, 2025 को संधारित ब्रीफिंग एवं पंजीयन पंजी में नामों के फेरबदल का मामला सामने आया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पंजी में क्रम संख्या आठ, 23, 24 और 31 पर दर्ज मूल शिक्षकों के नाम काटकर दूसरे व्यक्तियों के नाम अंकित किए गए थे। इस आधार पर वीक्षकों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
