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बिहार में बिजली चोरी पकड़ने के लिए नई व्यवस्था, ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर, समस्तीपुर में 87 पर FIR

Published: Fri, 16 Oct 2026 03:06 PM (IST)

Bihar Electricity Theft DT Meter: उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) बिहार में बिजली चोरी रोकने के लिए आधुनिक ...और पढ़ें

डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर ने बदलाव किया है।

डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर ने बदलाव किया है।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। North Bihar Power Distribution Company: बिहार में बिजली चोरी पर लगाम कसने के लिए ऊर्जा विभाग और उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

अब ट्रांसफार्मर स्तर पर बिजली की खपत का सटीक आकलन करने के लिए आधुनिक डीटी मीटर (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर) लगाए जा रहे हैं।

शहरी इलाकों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों के ट्रांसफार्मरों पर भी ये मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनकी मदद से बिजली चोरी के मामलों का आसानी से खुलासा हो रहा है।

डीटी मीटर से हो रही निगरानी

इस नई व्यवस्था के तहत ट्रांसफार्मर से कुल कितनी बिजली की आपूर्ति की गई और उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं द्वारा कुल कितना बिल भुगतान किया जा रहा है, इसके आंकड़ों का मिलान किया जाता है।

यदि दोनों आंकड़ों में भारी अंतर मिलता है, तो उस इलाके में बिजली चोरी का संदेह होता है। इसी आधार पर विद्युत विभाग की टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया है।

समस्तीपुर डिवीजन में 87 प्राथमिकी

विद्युत कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि सितंबर महीने में डीटी मीटर से मिले डेटा के आधार पर समस्तीपुर डिवीजन में व्यापक छापेमारी की गई।

कनीय अभियंताओं की अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी के आरोप में कुल 87 एफआईआर दर्ज कराई हैं। विभाग ने इन मामलों में कुल 16 लाख 88 हजार 790 रुपये का जुर्माना भी तय किया है।

कल्याणपुर और पूसा में सबसे ज्यादा मामले

  • कल्याणपुर क्षेत्र: यहाँ बिजली चोरी के सबसे अधिक 36 मामले पकड़ में आए, जिसके तहत 5.23 लाख रुपये का जुर्माना आंका गया। इसमें कल्याणपुर, मथुरापुर, वारिसनगर, चकमेहसी और खानपुर सेक्शन शामिल हैं।
  • पूसा क्षेत्र: इस इलाके में 18 एफआईआर दर्ज की गईं और सबसे अधिक 6.13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें पूसा फार्म, पूसा रोड, ताजपुर और मोरवा क्षेत्र आते हैं।
  • समस्तीपुर ग्रामीण: इस क्षेत्र में 26 एफआईआर दर्ज कर 3.84 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया।
  • समस्तीपुर शहरी: टाउन-1 और टाउन-2 मिलाकर कुल 7 मामले दर्ज किए गए और 1.67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

राजस्व नुकसान रोकने की पहल

विभाग का स्पष्ट मानना है कि डीटी मीटर तकनीक के आने से ट्रांसफार्मर वार बिजली की खपत और चोरी की सटीक जानकारी मिल रही है।

इससे न केवल राजस्व की हो रही क्षति को रोका जा रहा है, बल्कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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