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समस्तीपुर में मिड-डे-मील पर संकट, वेंडरों को पांच माह से नहीं मिला भुगतान, 2 नवंबर से आपूर्ति ठप होने की आशंका

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:46 PM (IST)

समस्तीपुर के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पर संकट गहरा गया है, क्योंकि वेंडरों को पिछले पांच माह से भुगतान नहीं मिला है।

समस्तीपुर में ठप हो सकता है मिड-डे-मील (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

समस्तीपुर में ठप हो सकता है मिड-डे-मील (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. समस्तीपुर में मिड-डे-मील वेंडरों का पांच माह का भुगतान लंबित।

  2. वेंडरों ने 2 नवंबर से आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी है।

  3. भुगतान न होने से मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित होगी।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की राशि पिछले पांच माह से लंबित है। ऐसे में अब संचालन पर संकट गहराने लगा है। सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों का पिछले पांच से छह महीने का भुगतान लंबित है। 

वेंडरों ने चेतावनी दी है कि एक नवंबर तक बकाया राशि नहीं मिली तो दो नवंबर से खाद्य सामग्री की आपूर्ति रोक दी जाएगी। इससे विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित होने की आशंका है। 

पांच महीने से भुगतान नहीं 

जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव अनिल कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने परिवर्तन मूल्य की राशि का भुगतान नहीं होने से पैदा हुई समस्या का उल्लेख करते हुए एक नवंबर से पहले सभी वेंडरों का बकाया चुकाने की मांग की है। 

पत्र के अनुसार, योजना के तहत सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों को पिछले पांच महीने से भुगतान नहीं हुआ है। इससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। वेंडर विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से बकाया राशि मांग रहे हैं। उन्होंने लिखित चेतावनी दी है कि तय समय तक भुगतान नहीं होने पर दो नवंबर से आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

जून से बकाया है सामग्री का भुगतान

राज एंड कंपनी के संचालक हिमांशु राज ने बताया कि मध्याह्न भोजन सामग्री के भुगतान के लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र दिया जा चुका है। जून से आपूर्ति की गई सामग्री का भुगतान अब तक लंबित है। 

उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने से बकाया राशि चुकाने का अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बावजूद अक्टूबर तक विद्यालयों को खाद्य सामग्री, सब्जियां, फल और अंडे की आपूर्ति की गई। 

हिमांशु राज के मुताबिक, लगातार बढ़ते बकाये के कारण आगे आपूर्ति जारी रखना मुश्किल है। कंपनी ने नवंबर से सामग्री की आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है। समय रहते भुगतान नहीं होने पर जिले के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन प्रभावित हो सकता है।

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