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Bihar News : सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर लगेगी लगाम, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

By Prakash Kumar Edited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 12 Apr 2026 07:38 PM (IST)

Bihar Healthcare : सरकार सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को ...और पढ़ें

Bihar Latest News :  इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

Bihar Latest News : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक की तैयारी।

  2. मरीजों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का लक्ष्य।

  3. डॉक्टरों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने की योजना।

जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Government doctors : सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने को लेकर सरकार सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। इस संबंध में जल्द ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।

साथ ही, डाक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने की योजना भी बनाई गई है, ताकि वे पूरी तरह सरकारी सेवा पर ध्यान केंद्रित करें। वर्तमान स्थिति में जिले के कई अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।

आरोप है कि कई चिकित्सक सुबह औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराने के बाद सीमित समय तक ही ओपीडी में बैठते हैं और फिर अपने निजी क्लीनिक या नर्सिंग होम में चले जाते हैं। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कई मामलों में यह भी देखा गया है कि डाक्टर निजी संस्थानों में अधिक सक्रिय रहते हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों में उनकी उपलब्धता सीमित रहती है।

आपातकालीन सेवाओं के लिए बनाए गए रोस्टर के बावजूद मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इसके अलावा, कुछ निजी अस्पतालों में बिचौलियों के माध्यम से मरीजों को सरकारी अस्पतालों से रेफर कराए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

सख्ती से लागू हुआ नियम तो सुधरेगी व्यवस्था

सरकार के प्रस्तावित निर्णय के लागू होने के बाद इन व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। यदि नियमों का सख्ती से पालन कराया गया तो डाक्टरों की अस्पतालों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी और मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस कदम से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। अब सबकी नजर सरकार के अंतिम दिशा-निर्देश और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर टिकी है।

गायनिक विभाग में रोस्टर का नहीं हो रहा पालन 

सदर अस्पताल में गायनिक विभाग नए ड्यूटी रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है। सदर अस्पताल के अधीक्षक और उपाधीक्षक ने इसमें 12 घंटें की ड्यूटी रोस्टर बनाई है। इसमें डा. अदिति, डा. मंजुला, डा. जागृति एवं डा. राजेश कुमार यादव को लगाया गया है।

लेकिन, गायनिक विभाग के डाक्टर विभागीय ड्यूटी रोस्टर का पालन नहीं कर रहे है। इसमें लगातार दो-दो दिन डाक्टर अपनी ड्यूटी कर रहे है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन इसका सख्ती का पालन नहीं करा रहा है।