बिहार बोर्ड परीक्षा 2027: मैट्रिक इंटर के लिए अपार आईडी और यू डायस कोड अनिवार्य
APAAR ID Mandatory: बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं 2027 के लिए अपार आईडी और यू-डायस प्लस कोड अनिवार्य ...और पढ़ें

स्कूल प्रशासन को अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया है। फाइल फोटो
HighLights
मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2027 के लिए अपार आईडी अनिवार्य।
विद्यालयों के लिए यू-डायस प्लस कोड भी जरूरी।
अपार आईडी छात्रों का डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड है।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Bihar Board Exam 2027: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आगामी मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
अब बोर्ड परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में छात्र-छात्राओं की अपार (APAAR) आईडी दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विद्यालयों का यू-डायस प्लस (UDISE+) कोड भी पंजीकरण और परीक्षा आवेदन के दौरान अंकित करना आवश्यक रहेगा।
शिक्षा विभाग ने जारी किया विशेष निर्देश
शिक्षा विभाग ने सरकारी और निजी विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। विभाग ने 30 जून तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
हालांकि जिले में कई विद्यालयों में अभी भी अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी बताई जा रही है। ऐसे में स्कूल प्रशासन को अभियान तेज करने का निर्देश दिया गया है।
परीक्षा आवेदन तक जरूरी होगी आईडी
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के पंजीकरण, सूचीकरण तथा परीक्षा आवेदन की पूरी प्रक्रिया में प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
जिन छात्र-छात्राओं की अपार आईडी अब तक नहीं बनी है, उनके लिए विद्यालय स्तर पर विशेष प्रयास कर निर्धारित समय सीमा के भीतर आईडी निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्कूलों को भी करना होगा आवश्यक अपडेट
बोर्ड के निर्देश के अनुसार विद्यालयों को अपने यू-डायस प्लस कोड की जानकारी भी अद्यतन रखनी होगी। परीक्षा से संबंधित सभी ऑनलाइन प्रक्रियाओं में इस कोड का उपयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और विद्यालयों का रिकॉर्ड सटीक रूप से दर्ज हो सके।
क्या है अपार आईडी?
अपार (Automated Permanent Academic Account Registry) आईडी विद्यार्थियों के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या है। इसके माध्यम से छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियां, प्रमाण-पत्र, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखे जाते हैं।
यह व्यवस्था नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से संरक्षित रहे और आवश्यकता पड़ने पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों के अनुसार अपार आईडी व्यवस्था लागू होने से विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही स्कूल बदलने, उच्च शिक्षा में प्रवेश और विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं में रिकॉर्ड सत्यापन आसान हो जाएगा।
