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बिहार में FREE में दूर होंगी जमाबंदी की गलतियां, CO अपने लॉगिन से इन दस्तावेज के आधार पर करेंगे सुधार

Published: Thu, 01 Oct 2026 06:16 PM (IST)

Bihar Jamabandi Correction Drive: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार में 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक डिजिटाइज्ड जमाबंदियों की गलतियों को सुधारने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।

अमीन की मापी रिपोर्ट और अदालत के आदेश को आधार माना जाएगा।

अमीन की मापी रिपोर्ट और अदालत के आदेश को आधार माना जाएगा।

HighLights

  1. 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विशेष जमाबंदी सुधार अभियान।

  2. अंचलाधिकारी अपने लॉगिन से निःशुल्क करेंगे त्रुटियों का सुधार।

  3. मूल पंजी, खतियान, कोर्ट आदेश जैसे दस्तावेज होंगे आधार।

संवाद सहयोगी, खानपुर (समस्तीपुर)। Bihar Jamabandi Correction Drive: डिजिटाइज्ड जमाबंदियों में मौजूद गलतियों को सुधारने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।

विभाग ने जमाबंदी अद्यतीकरण, नामांतरण और उत्तराधिकार के लिए 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए हैं।

31 अक्टूबर तक विशेष अभियान

अंचलाधिकारी प्रिया आर्याणी ने बताया कि विभाग की ओर से 13 बिंदुओं पर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

अंचलाधिकारी के लॉगिन में 'जमाबंदी रेक्टिफिकेशन ड्राइव रिपोर्ट' उपलब्ध कराई गई है। इसमें प्रत्येक मौजा की कुल जमाबंदी के साथ-साथ खाता, खेसरा, रकबा और लगान रहित जमाबंदियों की अलग-अलग रिपोर्ट शामिल है।

तीन दिन में माइक्रो प्लानिंग

हल्कावार कार्यभार के आधार पर तीन दिनों के भीतर विस्तृत समय-सारणी तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। अभियान को सफल बनाने के लिए मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति और वार्ड सदस्यों के साथ बैठकें की जाएंगी।

जांच और मापी के लिए रैयतों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह प्रक्रिया सीओ लॉगिन से स्वतः और नि:शुल्क होगी।

इन दस्तावेजों के आधार पर सुधार

जमाबंदी सुधार के लिए मूल जमाबंदी पंजी की स्कैन प्रति, संबंधित सर्वे का खतियान-नक्शा, प्लाट इंडेक्स, पूर्व दाखिल-खारिज आदेश, शुद्धि पत्र, निबंधित दस्तावेज, पट्टा आदेश, अमीन की मापी रिपोर्ट और अदालत के आदेश को आधार माना जाएगा।

डिजिटाइज्ड जमाबंदी का मिलान मूल पंजी की स्कैन कॉपी से किया जाएगा।

सरकारी जमीन पर सीधे कार्रवाई नहीं

सरकारी भूमि पर किसी व्यक्ति की जमाबंदी पाए जाने पर केवल जमीन की श्रेणी के आधार पर उसे अवैध नहीं माना जाएगा। पट्टे या सक्षम प्राधिकार के आदेश की जांच की जाएगी।

प्रथम दृष्टया जमाबंदी अवैध मिलने पर सीओ साक्ष्य सहित प्रस्ताव अपर समाहर्ता को भेजेंगे। इसके बाद दाखिल-खारिज अधिनियम की धारा 9 के तहत सुनवाई के बाद ही रद्दीकरण होगा।

खाता और रकबा की जांच

खाता रहित जमाबंदी में स्कैन प्रति या उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर खाता दर्ज किया जाएगा। खेसरा का सुधार भी मूल पंजी की स्कैन कॉपी के आधार पर होगा।

पूर्ण रकबा खारिज होने की स्थिति में संबंधित खेसरे में नया रकबा नहीं जोड़ा जाएगा। लगान में सुधार मूल जमाबंदी में दर्ज अंतिम लगान के आधार पर किया जाएगा।

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