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बिहार में सरकारी जमीन की फर्जी जमाबंदी होगी रद, 31 अक्टूबर तक राजस्व विभाग चलाएगा विशेष अभियान

Published: Thu, 01 Oct 2026 12:32 AM (GMT+05:30)

सरकारी जमीन से जुड़ी फर्जी जमाबंदी रद्द करने के लिए बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाएगा।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. सरकारी जमीन पर फर्जी जमाबंदी रद्द करने का अभियान।

  2. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 31 अक्टूबर तक चलाएगा।

  3. दस्तावेजों का सत्यापन कर अवैध जमाबंदियों पर कार्रवाई होगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अभियान में सरकारी जमीन से जुड़े दस्तावेजों का भी नए सिरे से सत्यापन होगा।

विभाग के सचिव जय सिंह ने बुधवार को सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है। जमाबंदी सुधार अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा।

पत्र में कहा गया है कि जांच में गैरमज़रूआ आम, खास, खासमहाल, सरकार में निहितबकाश्त भूमि, भू-हदबंदी की अधिशेष भूमि, कैसर-ए-हिन्द, सैरात अथवा अन्य सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर किसी व्यक्ति के नाम जमाबंदी कायम है तो उसकी जांच हो,यह पता चले कि भूमि की प्रकृति एवं जमाबंदी सृजन का आधार क्या है।

पत्र में कहा गया है कि इस मामले में संबंधित खतियान, सरकारी भूमि पंजी, रैयतीकरण, अर्जन अभिलेख, बंदोबस्ती अथवा पट्टा आदेश, पूर्व राजस्व आदेश एवं न्यायालयीय आदेशों का परीक्षण किया जाएगा।

केवल भूमि की श्रेणी अथवा बकाश्त प्रविष्टि देखकर जमाबंदी को स्वतः अवैध नहीं माना जाएगा। वैध बंदोबस्ती, पट्टा अथवा अन्य विधिमान्य अधिकार के दावे का समुचित परीक्षण आवश्यक होगा।

पत्र में कहा गया है कि जहां प्रथम दृष्टया जमाबंदी का सृजन विधि अथवा लागू कार्यपालक निर्देशों के प्रतिकूल पाया जाए, वहां के अंचल अधिकारी स्पष्ट तथ्यों एवं साक्ष्यों सहित प्रस्ताव अपर समाहर्ता को उपलब्ध कराएंगे।

संबंधित पक्षों को अभिलेख एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने तथा सुनवाई का उचित अवसर देते हुए जमाबंदी को रद करने की कार्रवाई की जाएगी।

ऐसी जमाबंदियों को सामान्य ऑनलाइन सुधार की प्रक्रिया से सीधे विलोपित नहीं किया जाएगा। सक्षम प्राधिकार के प्रभावी आदेश एवं लागू न्यायालयीय निर्देशों के अनुरूप ही अभिलेख अद्यतन किया जाएगा।