सहरसा में बनेंगे हाईटेक मत्स्य बाजार! प्रखंड में 12 और पंचायत में 6 दुकानें, सौरबाजार व सुलिन्दाबाद से होगी शुरुआत
Saharsa Fish Market Scheme: सहरसा जिले में नीली क्रांति को गति देने और मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने के लिए प्रखंड ...और पढ़ें

Saharsa Fish Market Scheme: सहरसा में प्रखंड और पंचायत स्तर पर बनेंगे आधुनिक मत्स्य बाजार; सौरबाजार और सुलिन्दाबाद से शुरुआत, कोल्ड चेन की भी होगी सुविधा
HighLights
प्रखंड और पंचायत स्तर पर आधुनिक मत्स्य बाजारों की स्थापना।
ताजी मछली के लिए कोल्ड चेन, आइस प्लांट और विशेष परिवहन।
सौरबाजार और सुलिन्दाबाद में पहले चरण की शुरुआत, मत्स्यपालकों की आय में वृद्धि।
संवाद सहयोगी, सहरसा। Saharsa Fish Market Scheme: कोसी प्रमंडल के प्रमुख केंद्र सहरसा जिले में नीली क्रांति को गति देने और स्थानीय मत्स्यपालकों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग ने एक महत्वाकांक्षी पहल की है। विभाग ने जिले के प्रखंड और पंचायत स्तर पर सुव्यवस्थित और आधुनिक मत्स्य बाजार स्थापित करने का निर्णय लिया है।
योजना के तहत प्रखंड स्तर पर 8,000 वर्गफीट भूमि पर 12 पक्की दुकानें और पंचायत स्तर पर 4,000 वर्गफीट जमीन में 6-6 दुकानें निर्मित की जाएंगी। इन आधुनिक बाजारों में उपभोक्ताओं को हर किस्म की ताजी, स्वास्थ्यवर्धक और पूरी तरह साफ-सुथरी मछली उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी।
परियोजना के पहले चरण में कहरा प्रखंड के सुलिन्दाबाद में पंचायत स्तरीय तथा सौरबाजार प्रखंड मुख्यालय में प्रखंड स्तरीय मत्स्य बाजार स्थापित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन दोनों स्थानों पर बाजार तैयार होने के बाद इलाके के पंजीकृत व स्थानीय मत्स्यपालक सीधे अपने उत्पाद बेच सकेंगे। प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन के उपरांत दूसरे चरण में जिले के अन्य सभी प्रखंडों और प्रमुख पंचायतों में भी इसी तर्ज पर बाजारों का विस्तार किया जाएगा।
नदी-तालाब से सीधे बाजार पहुंचेगी मछली, कोल्ड चेन की होगी व्यवस्था
कोसी क्षेत्र में जलस्रोतों की प्रचुरता के कारण मत्स्यपालन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। इसे देखते हुए जहां विभाग द्वारा मछली पालन के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं अब उनके विपणन (मार्केटिंग) के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। जिले के कई प्रखंडों में पहले से ताजा मछली केंद्र संचालित हैं, लेकिन अब इसे बड़े पैमाने पर संगठित रूप दिया जा रहा है।
सहरसा मत्स्य बाजार परियोजना
प्रखंड स्तरीय बाजार: 8,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में 12 पक्की दुकानें।
पंचायत स्तरीय बाजार: 4,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में 6 पक्की दुकानें।
प्रथम चरण के चयनित स्थल: सुलिन्दाबाद (कहरा प्रखंड) और सौरबाजार प्रखंड मुख्यालय।
प्रमुख आधुनिक सुविधाएं: कोल्ड स्टोरेज/कोल्ड चेन, आइस प्लांट, मछली परिवहन के लिए विशेष वाहन।
उद्देश्य: बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर मत्स्यपालकों को उचित मूल्य दिलाना और उपभोक्ताओं को स्वच्छ व ताजी मछली उपलब्ध कराना।
संचालन व्यवस्था: तात्कालिक तौर पर निविदा (टेंडर) प्रक्रिया से, भविष्य में बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम द्वारा।
आधुनिक मत्स्य बाजारों में मछलियों के सुरक्षित रखरखाव के लिए अत्याधुनिक कोल्ड चेन, आइस प्लांट (बर्फ संयंत्र) और सुगम परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय नदियों और निजी व सरकारी तालाबों से पकड़ी गई मछलियां सीधे इन बाजारों तक पहुंचाई जाएंगी। इससे मछलियों के खराब होने का जोखिम समाप्त होगा और आम उपभोक्ताओं को भी बिना किसी मिलावट या बासीपन के ताजी मछली मिल सकेगी।
मत्स्य विकास निगम करेगा संचालन, निविदा की प्रक्रिया जल्द
इस पूरी परियोजना के संचालन को लेकर जिला प्रशासन व विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। आधुनिक बाजारों के बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
"मत्स्य विभाग के सीधे निर्देशन में इन मत्स्य बाजारों का निर्माण और संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए तात्कालिक रूप से निविदा (टेंडर) जारी कर इसका संचालन कराया जाएगा। भविष्य में इन सभी आधुनिक बाजारों के स्थायी प्रबंधन की जिम्मेदारी बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम संभालेगा। इस व्यवस्था से जिले के हजारों छोटे-बड़े मत्स्यपालकों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।"
