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सहरसा के किसानों को धनिया-मेथी और सौंफ की खेती पर 40% अनुदान, कैसे करें आवेदन?

Published: Thu, 22 Oct 2026 04:14 PM (IST)

किसानों को धनिया, मेथी और सौंफ की खेती पर 40% अनुदान मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। एकीकृत बागवानी विकास मिशन ...और पढ़ें

सहरसा के किसानों को धनिया-मेथी और सौंफ की खेती पर 40% अनुदान (AI Generated Image)

सहरसा के किसानों को धनिया-मेथी और सौंफ की खेती पर 40% अनुदान (AI Generated Image)

HighLights

  1. धनिया, मेथी, सौंफ की खेती पर 40% अनुदान मिलेगा।

  2. प्रति हेक्टेयर 50 हजार की लागत पर 20 हजार अनुदान।

  3. अनुदान राशि दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में।

संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। नवहट्टा प्रखंड में किसानों की आय बढ़ाने और मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए धनिया, मेथी और सौंफ की खेती पर अनुदान दिया जाएगा।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को इन फसलों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले में तीनों फसलों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बीज मसाला फसलों की खेती की लागत 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इस पर 40 प्रतिशत की दर से 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। राशि दो किस्तों में दी जाएगी।

पहली किस्त में बीज और अन्य सामग्री खरीदने के लिए 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे। दूसरी किस्त के आठ हजार रुपये प्रति हेक्टेयर भौतिक सत्यापन के बाद मिलेंगे।

बीज राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, पटना और बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड, पटना के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र, दो वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व रसीद, ऑनलाइन अद्यतन रसीद, वंशावली या निर्धारित प्रारूप में एकरारनामा के आधार पर विधिमान्य भू-स्वामित्व प्रमाण से जुड़े दस्तावेजों में से कोई एक देना होगा।

प्रमाणपत्र या राजस्व रसीद में आवेदक का नाम स्पष्ट न होने पर वंशावली भी लगानी होगी। गैर-रैयत किसान निर्धारित प्रारूप में एकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन से पहले किसान डीबीटी में पंजीकृत बैंक खाते का विवरण जांच लें। अनुदान का भुगतान डीबीटी कार्यक्रम के तहत सीएफएमएस से होगा।

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