बेटे का शव देखते ही मां की थमीं सांसें, सहरसा में एक ही आंगन से उठीं 2 अर्थियां
सलखुआ के सहुरिया में राशन कार्ड विवाद में मारे गए बेटे अर्जुन सादा का शव घर पहुंचते ही 80 वर्षीय मां पविया देवी सदमे से चल बसीं।

रोते-बिलखते परिजन। (जागरण)
HighLights
राशन कार्ड विवाद में 45 वर्षीय बेटे अर्जुन सादा की मौत।
बेटे का शव देख 80 वर्षीय मां पविया देवी ने भी दम तोड़ा।
एक ही आंगन से मां-बेटे की अर्थी, गांव में पसरा मातम।
संवाद सूत्र, सलखुआ (सहरसा)। सलखुआ प्रखंड के चिड़ैया थाना क्षेत्र की चानन पंचायत स्थित सहुरिया के हनुमान टोला में रविवार को हृदयविदारक घटना सामने आई।
शनिवार को राशन कार्ड विवाद में हुई मारपीट में जान गंवाने वाले 45 वर्षीय अर्जुन सादा का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार को घर पहुंचा तो बेटे का शव देखकर उनकी 80 वर्षीय मां पविया देवी सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं।
बेटे के शव के पास पहुंचते ही वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजनों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इसके बाद एक ही आंगन से मां और बेटे की अर्थी एक साथ उठी। श्मशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
अर्जुन सादा अपने पीछे चार पुत्रियां और दो पुत्र छोड़ गए हैं। एक ही दिन में पिता और दादी का साया उठ जाने से बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बेटे का शव देखते ही बिगड़ी मां की हालत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर बाद एंबुलेंस से अर्जुन सादा का शव घर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
लाठी के सहारे रहने वाली पविया देवी बेटे के शव के पास पहुंचीं और उसे देखकर दहाड़ मारकर रोने लगीं। इसी दौरान वह अचानक अचेत होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें तत्काल संभालने लगे, लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं।
ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने को लेकर हुआ था विवाद
बताया जाता है कि पांच सितंबर को सहुरिया वार्ड संख्या 13 स्थित हनुमान टोला में राशन वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था।
पूर्व से चली आ रही रंजिश के कारण विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे से मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में कोकराहां टोल निवासी हरिलाल सादा के पुत्र अर्जुन सादा गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।
24 घंटे में तीन मुख्य नामजद गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश पर सिमरी बख्तियारपुर के नवपदस्थापित एसडीपीओ निशीकांत भारती के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन मुख्य नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
छह महिलाओं समेत 20 पर प्राथमिकी
मृतक के भाई अरविंद सादा के लिखित आवेदन पर चिड़ैया थाने में छह महिलाओं समेत कुल 20 नामजद आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। छापेमारी दल में चिड़ैया थानाध्यक्ष पुअनि इंद्रजीत कुमार तांती, पुअनि प्रेमचंद्र चौधरी, सअनि सुबोध कुमार सिंह समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
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