सहरसा वालों की बल्ले-बल्ले, जल्द शुरू होगी हवाई सेवा; मखाना और मछली कारोबार को लगेंगे पंख
सहरसा हवाई अड्डे के विकास के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने 42.52 करोड़ की पहली निविदा जारी की है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
AAI ने सहरसा हवाई अड्डे के लिए 42.52 करोड़ की निविदा जारी की।
हवाई सेवा से धार्मिक पर्यटन स्थलों और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा।
मखाना और मछली व्यवसाय के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
संवाद सूत्र, सहरसा। सहरसा से हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। हवाई अड्डा के विकास एवं उन्नयन हेतु भारतीय विमानपतन प्राधिकरण (एएआई) ने 42.52 करोड़ की पहली निविदा जारी कर दी है।
इसके तहत अत्याधुनिक पैसेंजर टर्मिनल और एयर ट्रैफिक कंट्रोल भवन का निर्माण कराया जाएगा। उड़ान परियोजना में शामिल करने के उद्देश्य से 30 जून 2025 को बिहार राज्य सरकार और विमानन मंत्रालय के बीच इसके लिए समझौता हुआ था।
निविदा जारी होने के साथ सहरसा से शीघ्र हवाई सेवा प्रारंभ होने की संभावना प्रबल हो गई है। यदि सहरसा हवाई अड्डे का विकास कर नियमित हवाई सेवाएं शुरू होती हैं, तो इसका धार्मिक ,सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
धार्मिक पर्यटन स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
क्षेत्रीय उड़ान योजना के तहत फिजिवलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए आई टीम ने इस बात को रेखांकित किया है कि इस इलाके में ऐतिहासिक, धार्मिक पर्यटन से जुड़े अपने स्थल हैं।
सहरसा जिले में प्रसिद्ध सिद्धपीठ उग्रातारा मंदिर, मंडन धान, प्रसिद्ध कंदाहा सूर्यमंदिर , मिनी बाबाधाम के नाम से विख्यात मटेश्वर धाम, पशु देवता मंदिर संत कारू खिरहरि स्थान, राजा विराट द्वारा स्थापित महाभारत कालीन चंडी स्थान, जलसीमा शिव- पार्वती मंदिर, बनगांव में योगीराज संत लक्ष्मीनाथ गोसांई कुटी जैसे अनेक महत्वपूर्ण स्थल हैं।
इसके अलावा बगल के मधेपुरा में प्रसिद्ध सिहेश्वर स्थान, सुपौल में हरदी चौघारा दुर्गा मंदिर जैसे दर्जनों धार्मिक पर्यटन से संबंधित स्थल है।
हवाई सेवा प्रारंभ होने से दूर- दूर से पर्यटकों व अन्य महत्वपूर्ण लोगों के आने- जाने का सिलसिला शुरू होगा। इससे इन स्थलों के काफी विकास की संभावना है।
हवाई परिवहन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मखाना व बेहद ही स्वादिष्ट मछली का उत्पादन होता है। सहरसा को मखाना के लिए एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया है।
बाहर के व्यापारी इस क्षेत्र से मखाना ले जाकर विदेशों तक व्यापार कर मालामाल होते हैं। सहरसा से हवाई सेवा शुरू होने से मखाना व मछली व्यवसाय को भी पंख लगेगा।
स्थानीय कृषि उत्पाद, मखाना, मछली, डेयरी उत्पाद और अन्य वस्तुओं के परिवहन में सुविधा होगी, जिससे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।
लोगों की आवाजाही तेज और सुविधाजनक होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बेहतर हो सकती है।
क्षेत्र में हवाई संपर्क से पर्यटन बढ़ने और होटल, परिवहन तथा अन्य सेवा क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
बेहतर कनेक्टिविटी से सहरसा और कोसी क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज हो सकता है तथा नए उद्योगों और व्यवसायों को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
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