कोसी की गाद से बनेंगी सड़कें, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे और तटबंध फोरलेन को मिलेगा नया बूस्ट
कोसी नदी की गाद का उपयोग सड़क निर्माण में करने की योजना क्षेत्र के लिए लाभकारी है।

कोसी नदी। (जागरण)
HighLights
कोसी नदी की गाद सड़क निर्माण में होगी उपयोग।
पूर्णिया-पटना एक्सप्रेसवे और फोर लेन सड़क को लाभ।
बाढ़ नियंत्रण, बेहतर यातायात, औद्योगिक विकास का आधार।
संवाद सूत्र, महिषी (सहरसा)। कोसी नदी से गाद निकालकर सड़क निर्माण में उपयोग करने की योजना क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
नदी संजीवनी कार्यक्रम के तहत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच हुए समझौते तथा बिहार सरकार की गाद नीति 2026 से क्षेत्र में प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मदद मिलने की उम्मीद है।
पूर्णिया से पटना तक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि सर्वे का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं, मुख्यमंत्री ने हाल ही में कोसी नदी के तटबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से उसका चौड़ीकरण कर उस पर फोर लेन सड़क बनाने की घोषणा की है।
इन सड़कों के निर्माण से तटबंध को मजबूती मिलने और बाढ़ का खतरा कम होने की उम्मीद है। साथ ही, क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और भविष्य में औद्योगिक विकास के लिए आधार तैयार होगा।
नदी संजीवनी कार्यक्रम के तहत सड़क निर्माण में नदी की गाद का उपयोग किया जाएगा। इससे निर्माण कंपनियों को सड़क के लिए आवश्यक मिट्टी कोसी नदी से आसपास के क्षेत्रों में आसानी से मिल सकेगी।
लागत में होगी बचत
इससे निर्माण कार्य में सुविधा होगी और लागत में बचत की संभावना रहेगी। तटबंध के भीतर से गाद निकालने और उसके प्रबंधन को भी नई दिशा मिल सकती है।
गाद निकासी के काम में स्थानीय संवेदकों की भागीदारी सुनिश्चित होने पर पंचायत से जिला स्तर तक के छोटे विकास कार्यों को भी गति मिल सकती है।
प्रखंड प्रमुख रियाज आलम ने कहा कि नई गाद नीति से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे संवेदक बिना बाधा अपना काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से बाढ़ से राहत के साथ ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को भी सुविधा मिलेगी।