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कोसी के मखाने की देशभर में बढ़ी मांग, सहरसा से हर दिन दूसरे राज्यों में जा रहा 50 बोरा मखाना

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:30 PM (IST)

कोसी क्षेत्र के सहरसा से मखाना की मांग देशभर में बढ़ रही है, जहां से प्रतिदिन 40-50 बोरा मखाना पंजाब ...और पढ़ें

सहरसा से हर दिन दूसरे राज्यों में जा रहा 50 बोरा मखाना (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

सहरसा से हर दिन दूसरे राज्यों में जा रहा 50 बोरा मखाना (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. सहरसा से प्रतिदिन 40-50 बोरा मखाना अन्य राज्यों में।

  2. मखाना की कीमत 600 से 1500 रुपये प्रति किलो।

  3. उत्पादन बढ़ने से इस वर्ष मखाना की कीमतें कम हुईं।

संवाद सूत्र, सहरसा। कोसी क्षेत्र में मखाना का उत्पादन सबसे अधिक होता है। सहरसा रेल मार्ग से प्रतिदिन कोसी इलाका से प्रतिदिन 40 से 50 बोरा मखाना पंजाब सहित अन्य प्रदेश जाता है। मखाना की मांग पंजाब सहित अन्य प्रदेशों के अलावा विदेशों में भी काफी है। जिस कारण कोसी इलाका से कई मखाना व्यापारियों ने मखाना का व्यवसाय शुरू कर दिया है। 

इन दिनों मखाना का पिकअप सीजन है। जिस कारण प्रतिदिन करीब 40 से 50 बोरा मखाना पंजाब के गौरखपुर, इटारसी, सियालदह के अलावा नई दिल्ली, अहमदाबाद भेजा जाता है। 

600 से 1500 रुपये प्रतिकिलो किमत

सहरसा रेल मार्ग से पुरबिया, जनसेवा एक्सप्रेस एवं वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन से प्रतिदिन मखाना अन्य प्रांतों में भेजा जा रहा है। मखाना की कीमत अभी बाजार में 600 से 1500 रुपये प्रतिकिलो तक है। मखाना की कई वैरायटी बाजार में उलब्ध है। मखाना के साइज के हिसाब से ही मखाना का रेट तय किया जाता है। 

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मखाना एक बोरा में अमूमन 9 से 10 किलो रहता है। प्रतिदिन 40 से 50 बोरा मखाना सहरसा से दूसरे प्रांतों में जाता है। महीने में करीब डेढ़ कराेड़ रुपये का मखाना बाहर जाता है। जिससे रेल के राजस्व में भी वृद्धि होती है। वहीं मखाना व्यवसाय को बड़ा बाजार मिलने से मखाना की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो गयी है।

600 से 1500 रुपये किलो बिक रहा मखाना

बाजार में मखाना 600 रुपये किलो से लेकर 1500 रुपये किलो बिक रहा है। मखाना के साइज पर ही कीमत निर्भर रहता है। कई मखाना व्यवसायियों ने बताया कि इस बार मखाना का उत्पादन पिछले वर्ष से ज्यादा होने की वजह से मखाना सस्ता भी है। 

मखाना व्यवसायी पिंटू की मानें तो पिछले वर्ष मखाना की कीमत 2200 रुपये किलो तक पहुंच गयी थी। लेकिन इस बार मखाना का उत्पादन काफी अच्छा हुआ तो कीमत में गिरावट आयी है। औसतन तीन साइज में मखाना की बिक्री ज्यादा होती है।

सबसे अच्छी क्वालिटी का मखाना जाता है बाहर

छोटा, मध्यम व बड़ा साइज का मखाना अलग- अलग कीमतों में मिलता है। सबसे महंगा बड़ा साइज वाला मखाना रहता है। जिसकी डिमांड बिहार के बाहर अन्य प्रदेशों में ज्यादा है। इसलिए सबसे अच्छी क्वालिटी का मखाना बाहर ही भेज दिया जाता है। 

एक बोरा में अमूमन 9 से 10 किलो मखाना रहता है। प्रतिदिन 50 बोरा मखाना पंजाब सहित अन्य प्रदेश भेजा जाता है। करीब डेढ़ करोड़ रूपये का मखाना हर महीने बाहर जा रहा है।

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