यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आदि शक्ति मां विषहरा के नाम से प्रसिद्ध है दिवारी पंचायत
सहरसा। प्रखंड मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर दूरी में स्थित दिवारी पंचायत भगवती स्थान के नाम से चर्चित है। दिवारी ...और पढ़ें

सहरसा। प्रखंड मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर दूरी में स्थित दिवारी पंचायत भगवती स्थान के नाम से चर्चित है। दिवारी में स्थापित बिषहारा भगवती स्थान की महत्ता काफी अधिक है। दूर-दूराज से लोग यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं। लोगों के सहयोग से यहां 150 फीट ऊंचे एवं आकर्षक मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है।
---- मंदिर की स्थापना
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दरभंगा राज के राजा राजबनेली द्वारा भगवती स्थान को 51 बीघा भूमि दान स्वरूप दिया था। जिसमे दिवारी में आठ बीघा जमीन दिया गया। जिस पर मंदिर स्थापित है। मंदिर परिसर में धर्मशाला, विवाह भवन एवं मंदिर से उत्तर शिवगंगा पोखर बना हुआ है। जो पर्यटक ²ष्टिकोण से आकर्षक का केंद्र बिदु बना हुआ है।
---- टीवी टावर से पंचायत को मिली अलग पहचान
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प्रसार भारती की सबसे बड़ी उच्च शक्ति की दूरदर्शन केंद्र दिवारी में स्थापित है। जहां से बड़े-बड़े कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता था। फिलहाल इस केंद्र की स्थिति अच्छी नहीं है।
---- पंचायत की समस्या
--- पंचायत चार राजस्व गांव को मिलाकर बनीं है। दिवारी, धकजरी, भरौली एवं ढोली गांव इसमें शामिल है। पंचायत का एक राजस्व ग्राम ढ़ोली है। जिसके तीन वार्ड एवं कुल आबादी दो हजार है। लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए आजतक सड़क नहीं बन पाया है। मजबूरन लोगों को सिचाई विभाग के नहर के रास्ते अन्यथा चार किलोमीटर अधिक दूरी तयकर दूसरे गांव होकर पहुंचना पड़ता हैं। भरौली और ढोली के बीच फरही नदी पड़ती हैं। जिसके दोनों ओर सड़क तो है। लेकिन एक पुलिया के कारण पंचायत वासियों को बहुत बड़ी समस्या से जूझना पड़ रहा है। समाजसेवी ब्रजेश सिंह, हरेराम साह सहित अन्य ने फरही नदी में पुल निर्माण कराने की मांग की है।
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पंचायत एक नजर में
---- पंचायत की आबादी: 14000 पंचायत में मतदाता की संख्या: 6804 महिला मतदाता: 3215 पुरुष: 3589 वार्ड की संख्या: 14 विद्यालय: 11 आंगनबाड़ी केंद्र: 12
