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गया जी पितृपक्ष मेला : कोसी एक्सप्रेस सहित दर्जन भर ट्रेनों का पुनपुन घाट और अनुग्रह नारायण स्नान घाट होगा पर ठहराव

Published: Fri, 25 Sep 2026 12:13 PM (IST)

Pitrupaksha Mela Special Trains : रेलवे ने पितृपक्ष मेला 2026 के लिए पुनपुन घाट पर कई ट्रेनों का अस्थायी ठहराव ...और पढ़ें

सहरसा-पटना-हटिया कोसी एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन प्रमुख ट्रेनों का होगा ठहराव।

सहरसा-पटना-हटिया कोसी एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन प्रमुख ट्रेनों का होगा ठहराव।

HighLights

  1. पितृपक्ष मेला 2026 हेतु पुनपुन घाट पर ट्रेनों का अस्थायी ठहराव।

  2. वैशाली एक्सप्रेस सहित 48 ट्रेनों में AI कैमरे से भोजन निगरानी।

  3. रेलवे का लक्ष्य मार्च 2027 तक AI सिस्टम का पूर्ण विस्तार।

संवाद सूत्र, सहरसा। Pitrupaksha Mela Special Trains : पितृपक्ष मेला 2026 में पिंडदान और तर्पण के लिए गया व पुनपुन जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेल (ECR) ने बड़ा निर्णय लिया है। रेलवे ने सहरसा-पटना-हटिया कोसी एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन प्रमुख ट्रेनों का पुनपुन घाट हाल्ट और अनुग्रह नारायण स्नान घाट पर दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव (स्टॉपेज) देने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने बताया कि यह विशेष अस्थायी ठहराव 25 सितंबर 2026 से आगामी 10 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत गाड़ी संख्या 18625/18626 पूर्णिया कोर्ट-हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस का भी पुनपुन घाट हाल्ट पर निर्धारित अवधि में 2 मिनट का ठहराव सुनिश्चित किया गया है। इस व्यवस्था से कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्र से पितृपक्ष में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सीधे पुनपुन नदी के पावन तट तक पहुंचने में सहूलियत होगी।

वैशाली सहित 48 ट्रेनों की पैंट्री में AI कैमरे

दूसरी ओर, रेल यात्रियों को सफर के दौरान स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मुहैया कराने की दिशा में भी रेलवे ने अत्याधुनिक तकनीकी कदम उठाया है। सहरसा-सुपौल से होकर गुजरने वाली देश की सबसे भरोसेमंद ट्रेनों में शुमार वैशाली एक्सप्रेस समेत चार दर्जन (48) से अधिक प्रमुख ट्रेनों की पैंट्री कार में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाए जा रहे हैं।

चूहा-कॉकरोच दिखते ही अलर्ट

यह AI सिस्टम पैंट्री कार के भीतर चूहा, कॉकरोच, मक्खियां या किसी भी प्रकार की गंदगी दिखते ही तत्काल ऑटो-अलर्ट जनरेट करेगा। यह अलर्ट सीधे रेलवे के संबंधित उच्चाधिकारियों और खान-पान सेवा (कैटरिंग) से जुड़ी अनुबंधित एजेंसी के कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगा। यदि जांच में कोई लापरवाही या अस्वच्छता की पुष्टि होती है, तो संबंधित वेंडर अथवा एजेंसी के विरुद्ध भारी जुर्माना और डिजिटल चालान काटने जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शेफ कैप और ग्लव्स पर भी नजर

समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरयूसीसी (DRUCC) सदस्य शिवशंकर झा 'संजय' ने बताया कि एआई कैमरों के जरिए खाना बनाने, उसकी पैकिंग और यात्रियों की बर्थ तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। पैंट्री कार के कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता (हाइजीन) को भी परखा जाएगा। खाना तैयार करने के दौरान रसोइये व सहायक शेफ कैप, मास्क और हैंड ग्लव्स का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, सिस्टम इसकी भी पड़ताल करेगा।

उन्होंने बताया कि पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत लगभग दो दर्जन स्टेशनों की कैंटीन, जनआहार केंद्रों, फूड प्लाजा और बेस किचन को भी इस एआई निगरानी तंत्र के दायरे में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। रेलवे बोर्ड का लक्ष्य मार्च 2027 तक इस हाईटेक पारदर्शी व्यवस्था को समूचे नेटवर्क में पूरी तरह धरातल पर उतारने का है।

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