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बरौनी-कटिहार रेलखंड पर कोसी रेल पुल के 15 स्पैन में दरार; RDSO लखनऊ और हाजीपुर की टीम ने की जांच, कॉशन पर ट्रेनें

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:45 PM (IST)

Navgachia Kursela Rail Bridge Crack: बरौनी-कटिहार रेलखंड पर नवगछिया-कुर्सेला के बीच कोसी नदी पर बने रेल पुल के लगभग सभी ...और पढ़ें

Navgachia Kursela Rail Bridge Crack: बरौनी-कटिहार रेलखंड पर नवगछिया-कुर्सेला के बीच कोसी नदी रेल पुल के स्पैन में आई दरार

Navgachia Kursela Rail Bridge Crack: बरौनी-कटिहार रेलखंड पर नवगछिया-कुर्सेला के बीच कोसी नदी रेल पुल के स्पैन में आई दरार 

HighLights

  1. नवगछिया-कुर्सेला कोसी रेल पुल के 15 स्पैन में दरारें।

  2. आरडीएसओ और रेलवे टीम ने पुल का सघन निरीक्षण किया।

  3. निर्माण के 3-4 साल में दरारें, गुणवत्ता पर उठे सवाल।

संवाद सूत्र, नवगछिया (भागलपुर)। Navgachia Kursela Rail Bridge Crack: पूर्व मध्य रेलवे के अत्यंत व्यस्त बरौनी-कटिहार रेलखंड अंतर्गत नवगछिया और कुर्सेला रेलवे स्टेशनों के बीच कोसी नदी पर बने महत्वपूर्ण रेल पुल के स्पैन में दरारें आने की सनसनीखेज बात सामने आई है। रेल संरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही बुधवार को रेलवे मुख्यालय और अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तकनीकी अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के जोनल कार्यालय हाजीपुर से उप मुख्य अभियंता राकेश कुमार के नेतृत्व में आरडीएसओ लखनऊ की तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पुल का सघन निरीक्षण किया।

आरडीएसओ लखनऊ की तकनीकी टीम में निदेशक (Director), कार्यकारी निदेशक (Executive Director) और सीनियर सेक्शन इंजीनियर शामिल थे। जांच के दौरान हाजीपुर जोनल मुख्यालय के सीनियर सेक्शन इंजीनियर देवशंकर सिंह, बिहपुर के एईएन केके मिश्रा, आईओडब्ल्यू और कई स्थानीय रेल अभियंता भी उपस्थित रहे। संयुक्त तकनीकी दल ने पुल के विभिन्न हिस्सों और लोहे के गर्डरों का बारीकी से परीक्षण किया।

सभी 15 स्पैन में आई दरार, कॉशन पर चल रहीं गाड़ियां

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि कोसी नदी पर बने इस 61 मीटर लंबे रेल पुल में लगे लोहे के लगभग सभी 15 स्पैन में दरारें आ गई हैं। तकनीकी रूप से स्पैन पुल का वह मुख्य हिस्सा होता है जो दो पायों (पियर्स) के बीच भार वहन करता है। गनीमत यह रही कि समय रहते इस दरार को चिह्नित कर लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।

रेलवे प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए रूट पर रेल यातायात को पूरी तरह बंद नहीं किया है, लेकिन दुर्घटना से बचाव के लिए सख्त एहतियाती कदम उठाए हैं। संरक्षा के मद्देनजर इस रेल पुल से गुजरने वाली सभी यात्री व मालगाड़ियों के लिए 'कॉशन ऑर्डर' (गति सीमा प्रतिबंध) लागू कर दिया गया है। चालक दल को बेहद धीमी और नियंत्रित गति से पुल पार करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है।

कोसी रेल ब्रिज निरीक्षण

  • स्थान: नवगछिया-कुर्सेला स्टेशन के मध्य, कोसी नदी रेल पुल (बरौनी-कटिहार रेलखंड)।

  • पुल की स्थिति: 61 मीटर लंबे पुल के लगभग सभी 15 लोहे के स्पैन (Spans) में दरार की पुष्टि।

  • जांच दल: आरडीएसओ लखनऊ (निदेशक, कार्यकारी निदेशक, एसएसई) और पूर्व मध्य रेल हाजीपुर के उप मुख्य अभियंता राकेश कुमार व एसएसई देवशंकर सिंह।

  • परिचालन व्यवस्था: ट्रेनों का आवागमन चालू, लेकिन गति नियंत्रित रखने के लिए 'कॉशन ऑर्डर' जारी।

  • निर्माण काल: वर्ष 2021-22 में पूर्ण और चालू किया गया था।

चार साल में ही पुल में आई दरार

उल्लेखनीय है कि इस रेल पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2021-22 में पूरा हुआ था और तकनीकी जांच के बाद इस पर ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू किया गया था। अब महज तीन से चार वर्ष के अल्प समय में ही लोहे के मजबूत स्पैन में दरारें उभरने से रेलवे की निर्माण गुणवत्ता और पर्यवेक्षण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इसे निर्माण में तकनीकी खामी और सामग्री की गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

दूसरी ओर, नाम न छापने की शर्त पर मौके पर मौजूद वरीय रेल अधिकारियों ने बताया कि रेल परिचालन में कोई तात्कालिक व्यवधान या जोखिम नहीं है। गति सीमा को नियंत्रित कर गाड़ियों को सुरक्षित गुजारा जा रहा है। आरडीएसओ की विशेषज्ञ टीम द्वारा सुझाई गई तकनीकी पद्धतियों के आधार पर इन दरारों को जल्द से जल्द दुरुस्त (रेक्टिफाई) करने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।

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