सहरसा। यह वही गीता है जो करीब डेढ़ वर्ष पहले बीमारी की वजह से चर्चा में आई थी। उसके साथ सोमवार की रात उसके पति ने ही हैवानियत दिखाई। पति ने अपने दो दोस्त के साथ मिलकर पत्नी को सुनसान जगह ले जाकर फंदा लगाकर जान से मारने की कोशिश की। लेकिन पत्नी के चिल्लाने पर लोगों की आहट सुनकर पति अपने दोस्तों के साथ भाग निकला। जिसे बाद में सदर अस्पताल लाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।

सौरबाजार थाना क्षेत्र के तीरी बराही गांव निवासी सुखदेव दास की पुत्री गीता कुमारी की शादी जुलाई 2014 में महिषी निवासी शीतल शर्मा के पुत्र मुन्ना कुमार से हुई थी। पति शादी के कुछ दिन बाद ही दुबई चला गया था। जिसके बाद वह अपने मायके में ही रहने लगी थी। इस बीच उसे एक अजीब बीमारी हो गई। उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों से खून बहने लगता था। जिसका इलाज चिकित्सक डा. आईडी सिंह के सहयोग से पटना व अन्य जगहों पर कराया गया और वह ठीक हो गई थी। पीड़िता ने बताया कि वह स्नातकोत्तर की परीक्षा देने सहरसा आई थी और अपनी मौसी के सहरसा गांधी पथ स्थित आवास पर ठहरी हुई थी। इसी दौरान उनका पति जो कुछ दिन पहले दुबई से आए हैं अपने दो दोस्त के साथ बाइक से पहुंचे और घर में किसी को नहीं देखकर उन्हें नरियार से आगे सुनसान जगह पर ले गये। जहां एक पेड़ में फंदा लगाकर जान से मारने की कोशिश की। इस दौरान मारपीट भी की गई। गीता ने बताया कि चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग उस ओर आने लगे तो पति व उसके दोस्त उन्हें छोड़कर भाग निकला। जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं थानाध्यक्ष राजमणि ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। अभी तक आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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