सहरसा। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन ने जिला पंचायतीराज विभाग के माध्यम से सभी परिवारों को मास्क मुफ्त में देने का निर्णय लिया है। इसके अनुपालन के लिए डीएम के निर्देश जीविका दीदियों ने युद्धस्तर पर मास्क बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। डीएम ने जिले की जीविका दीदियों को 17 लाख मास्क बनाने का निर्देश दिया है, ताकि सभी 151 पंचायतों के हर परिवार के बीच इसका वितरण किया जा सके। जीविका डीपीएम अमित कुमार ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही अबतक सबसे कारगर हथियार साबित हुआ है। गत वर्ष भी सहरसा की दीदियों ने इस कार्य में राज्यस्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसबार भी सभी परिवारों को समय पर मास्क उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात मास्क बनाने का कार्य दीदियों द्वारा संपादित किया जा रहा है। जो जल्द ही प्रशासन द्वारा पूरे जिले में वितरित किया जाएगा। कहा कि इस कार्य में कूल-393 जीविका दीदियां दिन-रात जुटी हुई है। प्रत्येक दिन लगभग एक लाख से अधिक मास्क का उत्पादन जारी है। मास्क को पंचायत सचिव एवं विकास मित्र के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा।

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सत्तरकटैया को मिले एक लाख

90 हजार मास्क बनाने का आर्डर

संवाद सूत्र, सहरसा : जिले के सत्तरकटैया प्रखंड के हर परिवार को छह-छह मास्क मुफ्त में दिया जा रहा है। इसको लेकर जीविका दीदियों को सत्तरकटैया के 14 पंचायतों में करीब एक लाख 90 हजार मास्क का आर्डर दिया गया है। जीविका दीदियों ने वृहद स्तर पर मास्क निर्माण शुरू कर दिया है। मंगलवार को तीन परत वाला 25000 मास्क सत्तरकटैया प्रखंड के बीडीओ को उपलब्ध कराया गया है। जीविका की प्रखंड सामुदायिक समन्वयक नूतन सिंह ने बताया कि मास्क निर्माण के लिए पांच मास्क सेंटर बनाया गया है जिसमें बिहरा, लोकही, पंचगछिया, मंझौल और बरहशेर में 48 जीविका दीदीयों द्वारा मास्क निर्माण किया जा रहा है।

Edited By: Jagran