विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ब‍िहार की लक्ष्मी ने 15500 फीट ऊंचे नंदा देवी बेस कैंप पर लहराया त‍िरंगा, अष्टमी पर हुए भव्‍य दर्शन

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:48 AM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2026 12:39 PM (IST)

Bihar Mountaineer Laxmi Jha : सहरसा की पर्वतारोही लक्ष्मी झा ने 19 सितंबर को नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप में ...और पढ़ें

बिहार के सहरसा जिले की पर्वतारोही लक्ष्‍मी झा।

बिहार के सहरसा जिले की पर्वतारोही लक्ष्‍मी झा।

HighLights

  1. लक्ष्मी झा ने नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप पर तिरंगा फहराया।

  2. 15,500 फीट की ऊंचाई पर नंदा अष्टमी के दिन उपलब्धि।

  3. जापानी पर्वतारोही युइची तमुरा भी इस अभियान में शामिल थे।

संवाद सहयोगी, सहरसा। Bihar Mountaineer Laxmi Jha : बिहार के सहरसा जिले की होनहार बेटी और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पर्वतारोही लक्ष्मी झा ने एक बार फिर दुर्गम हिमालय की चोटियों पर अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का लोहा मनवाया है।

तमाम प्राकृतिक विषमताओं, कड़ाके की ठंड और भारी बारिश का डटकर सामना करते हुए लक्ष्मी झा ने गत 19 सितंबर को नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप में 15,500 फीट की ऊंचाई पर शान से भारत का गौरवशाली तिरंगा फहराया।

उन्होंने यह ऐतिहासिक कीर्तिमान नंदा अष्टमी के पावन पर्व के दिन स्थापित किया। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान की सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह रही कि जापान के चिबा प्रांत के 75 वर्षीय बुजुर्ग पर्वतारोही युइची तमुरा भी इस दल का प्रमुख हिस्सा थे, जिन्होंने लक्ष्मी झा के साथ मिलकर इस कठिन चढ़ाई को पूरा किया।

दो दिन भारी बारिश व धुंध ने रोका रास्ता

पर्वतारोही लक्ष्मी झा ने बताया कि उनका बेस कैंपिंग स्टेशन मुख्य बेस कैंप से करीब आठ किलोमीटर नीचे स्थित गंघर गांव में बनाया गया था। वहां से उन्होंने नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप के लिए लगातार तीन दिनों तक बेहद खतरनाक और खड़ी चढ़ाई शुरू की।

पहले दो दिनों के दौरान मौसम ने कड़ी परीक्षा ली। रास्ते में मूसलाधार बारिश और घने बादलों के कारण दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई थी।

तीसरे दिन मिली नंदा देवी की झलक

दोनों दिन आठ-आठ किलोमीटर की थका देने वाली चढ़ाई पूरी कर बेस कैंप तक पहुंचने के बावजूद घनी धुंध के कारण नंदा देवी की भव्य चोटी के दर्शन नहीं हो सके, जिससे उन्हें निराश होकर वापस नीचे कैंपिंग स्टेशन लौटना पड़ा।

नंदा अष्टमी पर साफ हुआ मौसम

दो दिन लगातार चढ़ने और बिना दर्शन लौटे जाने के बाद भी लक्ष्मी झा का हौसला नहीं डिगा। तीसरे दिन, नंदा अष्टमी के पावन अवसर पर उन्होंने दोगुने उत्साह के साथ फिर से चढ़ाई शुरू की। इस बार कुदरत ने भी उनका साथ दिया और ऊंचाई पर पहुंचते ही आसमान बिल्कुल साफ हो गया।

सामने नंदा देवी की अलौकिक और भव्य चोटी के स्पष्ट दर्शन हुए। इस पावन अवसर को यादगार बनाते हुए लक्ष्मी झा ने वहां पूरी आस्था के साथ पूजा-अर्चना की और 15,500 फीट की बर्फीली वादियों में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया।

विधिवत पूजा के बाद लहराया तिरंगा

गौरतलब है कि लक्ष्मी झा इससे पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप और अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट किलिमंजारो पर भी तिरंगा फहराकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर बिहार और देश का मान बढ़ा चुकी हैं।

उनकी इस ताजा उपलब्धि से गृह जिले सहरसा समेत पूरे बिहार के खेल व युवा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।

यह भी पढ़ें- गांव की बेटी ने बढ़ाया बिहार का मान; 37वीं ईस्ट जोन एथलेटिक्स में खुशी कुमारी ने जीता स्वर्ण पदक, जश्न का माहौल