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सुखाड़ और जलजमाव ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें

सहरसा। खरीफ की फसल को बचाने के लिए सरकार ने 17 दिन के अंदर किसानों को डीजल अनुदान देन

By JagranEdited By: Published: Tue, 22 Oct 2019 06:14 PM (IST)Updated: Wed, 23 Oct 2019 06:27 AM (IST)
सुखाड़ और जलजमाव ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें
सुखाड़ और जलजमाव ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें

सहरसा। खरीफ की फसल को बचाने के लिए सरकार ने 17 दिन के अंदर किसानों को डीजल अनुदान देने का निर्णय लिया है, परंतु कभी सुखाड़ तो कभी अतिवृष्टि के चक्कर में किसान पिस रहे हैं। डीजल अनुदान वितरण कार्य मंथर गति से चल रहा है। एक तो किसान समय पर आवेदन नहीं दे रहे और ऊपर से कभी सुखाड़ तो कभी अति वृष्टि के कारण कृषि कर्मियों को जांच में बाधा हो रही है। जून और अगस्त में अल्प वृष्टि तथा जुलाई और सितम्बर माह के में अतिवृष्टि के कारण भुगतान में बड़ी परेशानी हो रही है। कुछ किसानों ने समय पर आवेदन नहीं दिया,जिसके कारण उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है। जबकि कुछ जगहों से जलजमाव के कारण फसल क्षतिपूर्ति की आवाज उठने लगी है। ऐसे में बहुत से किसानों का डीजल अनुदान भी अटका हुआ है।

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जांच में कृषि विभाग को बाधा पहुंच रहा है। जिले में अबतक दो लाख 86 हजार किसानों ने अपना पंजीकरण कराया, परंतु अबतक मात्र नौ हजार सात सौ किसानों का आवेदन ही बैंक अग्रसारित किया गया है। डीजल अनुदान वितरण में किसानों को हो रही परेशानी कृषि अधिकारी व कर्मियों द्वारा बरती जा रही अनियमितता को देखते हुए सरकार ने ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की है। ताकि किसानों को पंचायत से प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े। सरकार ने 17 दिन की निश्चित भीतर अनुदान का वितरण निदेश दिया है, परंतु इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है। जुलाई माह में अत्यधिक वर्षा होने के कारण विभाग ने इस माह का अनुदान नहीं देने का निर्णय लिया है। अगस्त माह में आवेदन जमा होने लगा। सितम्बर में आवेदनों में तेजी आई, परंतु महीने के अंत में अति वृष्टि हो गई। ऐसे में विभाग के कर्मी पशोपेश में पड़ गए हैं। एक तरफ विभागीय प्रावधान और दूसरी तरफ किसानों के दबाव के बीच कृषि कर्मी कोई निर्णय लेने में परेशान हैं।

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महज 12 हजार किसानों का आवेदन हुआ अग्रसारित

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नियमानुसार खरीफ के फसल में धान के बिचरा समेत पांच सिचाई और अन्य फसल की तीन तथा रबी फसल के तीन सिचाई के लिए अनुदान का प्रावधान है। गत वर्ष 50 रुपए प्रति लीटर की दर से प्रति एकड़ दस लीटर का अनुदान दिया जाता था। जिसे बढ़ाकर इस वर्ष 60 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। कोई भी किसान खरीदे गए डीजल की कम्प्यूटराइज्ड पर्ची के साथ आवेदन कर सकते हैं। किसान सलाहकार दस दिनों के अंदर इसे सत्यापित करेंगे, जो प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पेंडिग लिस्ट में दिखेगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी सात दिनों के अंदर सत्यापित करने के उपरांत सात दिनों के अंदर जिला कृषि पदाधिकारी को भी भेजेंगे। जिला कृषि पदाधिकारी सात दिनों के अंदर भुगतान आदेश को कन्फर्म करेंगे। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन विधि से होगी। यहां से स्वीकृति मिलते ही बीज निगत से राशि सीधे लाभुक किसान के खाते में भेज दी जाएगी। 12 हजार से अधिक आवेदन अग्रसारित हुआ। शेष किसान डीजल अनुदान के लिए परेशान है। जिन किसानों का आवेदन अग्रसारित नहीं हो सका, उसके निर्णय में विभाग को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

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डीजल अनुदान की प्रक्रिया सुलभ कर दी गई है। जिस समय में अत्यधिक वर्षा हुई, उस समय के आवेदन पर विचार नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा सुखाड़ के दिनों के आवेदन को निष्पादित किया जा रहा है। कुछ जगह से जलजमाव के कारण धान बर्बाद होने की बात उठी, परंतु जांच के दौरान यह दावा सही नहीं पाया गया। डीजल अनुदान का जो आवेदन लंबित है। उसका निष्पादन किया जा रहा है।

दिनेश प्रसाद सिंह

जिला कृषि पदाधिकारी, सहरसा।


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