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रोहतास में अनियंत्रित डंपर ने 1 दर्जन लावारिस पशुओं को रौंदा, 7 गोवंश की मौत

Published: Mon, 24 Aug 2026 07:05 PM (GMT+05:30)

तिलौथू-डेहरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार डंपर ने करीब एक दर्जन लावारिस मवेशियों को कुचल दिया, जिसमें सात गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. तेज रफ्तार डंपर ने एक दर्जन मवेशियों को कुचला।

  2. सात गोवंश की मौके पर मौत, तीन गंभीर घायल।

  3. स्थानीय लोगों में रोष, गौशाला व्यवस्था पर सवाल।

संवाद सूत्र, तिलौथू (रोहतास)। तिलौथू-डेहरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फल चौक के समीप एक तेज रफ्तार बेकाबू डंपर ने सड़क पर बैठे करीब एक दर्जन लावारिस मवेशियों को बेरहमी से कुचल दिया।

इस दर्दनाक हादसे में दो बछड़ों समेत सात गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गाय गंभीर रूप से घायल हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया।

स्थानीय दुकानदारों व ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन तब तक चालक काफी दूर निकल चुका था। हादसे के बाद सड़क पर हर तरफ गोवंश के शव बिखरे पड़े थे, जिससे काफी देर तक बाजार में अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिट्टी से लदा डंपर डेहरी की ओर से बंजारी की तरफ अत्यधिक रफ्तार में जा रहा था।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया। दुकानदारों ने बताया कि आसपास के ग्रामीण फसल बोवाई के बाद अपनी फसलों को बचाने के लिए आवारा गोवंश को गांव की सीमाओं व राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे छोड़ देते हैं।

बरसात के मौसम में सूखी जगह की तलाश में ये मवेशी रात के समय एनएच और बाजार की पक्की सड़कों पर बैठ जाते हैं, जहां तेज रफ्तार भारी वाहन इन्हें अपनी चपेट में ले लेते हैं।

गौशाला व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाजार के पास गैर-सरकारी गौशाला होने के बावजूद सैकड़ों निराश्रित गोवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। प्रशासन को इन मवेशियों को गौशालाओं तक पहुंचाने की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोागें ने आरोप लगाया कि पास के ही एक गांव में बड़े पैमाने पर अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं, जहां जगह की कमी के कारण भी मवेशियों को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है, जो आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

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