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बिहार की बेटी ने बढ़ाया मान: लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार'

Published: Wed, 21 Oct 2026 04:36 PM (IST)

लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को लोक संगीत में उल्लेखनीय योगदान के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा राष्टीय पुरस्कार ग्रहण करती मनीषा श्रीवास्तव। सौ. स्वंय

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा राष्टीय पुरस्कार ग्रहण करती मनीषा श्रीवास्तव। सौ. स्वंय

HighLights

  1. लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

  2. उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित।

  3. बिहार की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान मिली।

जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। चर्चित लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को लोक संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी द्वारा उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार–2025 से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान भारतीय लोक संगीत की समृद्ध परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार की दिशा में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

मनीषा श्रीवास्तव लंबे समय से भोजपुरी लोकगीत, पारंपरिक गायन शैली और लोक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही हैं।

उनके कार्यों में सोहर, विवाह गीत, कजरी, चैता, निर्गुण तथा महिलाओं से जुड़ी विविध लोक परंपराओं का गायन, प्रस्तुति और सांस्कृतिक महत्व प्रमुखता से शामिल है।

लोकगीतों के माध्यम से समाज की स्मृतियों, लोकजीवन, स्त्री-अनुभवों और क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य कर रही हैं।

यह सम्मान केवल मनीषा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध लोक-संगीत परंपरा और देशभर के लोक कलाकारों के योगदान का भी सम्मान है।

मनीषा श्रीवास्तव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान बिहार की सांस्कृतिक विरासत, भोजपुरी लोकगीतों तथा भारत की विविध लोकभाषाओं और लोक परंपराओं को समर्पित है।

उन्होंने इस सम्मान को लोक संगीत से जुड़े सभी कलाकारों, अपने परिवार, गुरुजनों और शुभचिंतकों के स्नेह एवं आशीर्वाद का प्रतिफल बताया।

मनीषा ने बताया कि यह पुरस्कार देश के अलग-अलग 106 युवा लोक कलाकारों को दिया गया है, जिसमें वह बिहार से अकेली हैं।

पूर्व प्राचार्य व साहित्यकार प्रो. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जिले के करगहर क्षेत्र से आने वाली मनीषा श्रीवास्तव की यह उपलब्धि बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त करती है तथा लोक संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के लिए नई प्रेरणा प्रदान करती है।

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