जागरण संवाददाता, सासाराम : जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के तमाम दावों के बावजूद गंभीर रोगियों को लगने वाली रेमेडेसिविर की सूई अबतक यहां आपूर्ति नहीं हो पाई है। निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर मरीज के परिजन भी इस सूई को ले अस्पताल का पर्ची ले राजधानी के दुकानों पर चक्कर काट रहे हैं। वहीं एंबुलेंसों की कमी इलाज में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम कोशिशों के बाद भी निजी एंबुलेंस संचालक गंभीर मरीजों को अस्पताल लाने वे लेजाने से हाथ खड़े कर दे रहे हैं।

सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि जिले में अभी दो कोविड केयर सेंटर व एक डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें 264 बेड की व्यवस्था की गई है। इसमें 164 सदर अस्पताल में व सौ बिक्रमगंज अनुमंडलीय अस्पताल में शामिल है। कहा कि पॉजिटिव मिले रोगियों को दवा की उपलब्धता करा कोविड केयर सेंटर में रहने की व्यवस्था की गई है। वहीं कम गंभीर रोगियों को जिन्हें ऑक्सीजन के अलावा अन्य दवाओं की जरूरत पड़ सकती है उन्हें सदर अस्पताल स्थित डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती करा इलाज कराया जा रहा है। वहीं गंभीर व क्रिटिकल मरीजों को नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पटना रेफर किया जा रहा है। कहा कि गंभीर व क्रिटिकल मरीजों को रेमेडेसिविर सूई की आवश्यकता पड़ सकती है। यहां नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भी कई कोरोना मरीज अपने खर्च पर इलाज करा रहे हैं। जहां रेमेडेसिविर सूई की जरूरत गंभीरता व चिकित्सकों के परामर्श के अनुरूप पड़ती है। कहा कि जिले के स्वास्थ्य विभाग को अबतक एक भी रेमेडेसिविर की सूई उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी फिलहाल इस जिले में नहीं है। कोविड में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बरकरार रहे इसके लिए सहायक औषधि नियंत्रक को निर्देशित किया गया है। सर्जिकल दुकानों पर मास्क, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि की कालाबाजारी की शिकायत के बाद लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने निजी एंबुलेंस संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार कहने के बाद भी वे कोविड मरीजों को इलाज के लाने-लेजाने में हाथ खड़े कर रहे हैं। इसपर स्वास्थ्य विभाग कड़ा रूख अख्तियार करेगा। कहा कि फिहाल तीन एंबुलेंस कोरोना मरीजों को लाने-लेजाने के लिए रखा गया है जिसमें दो सदर अस्पताल सासाराम में व एक बिक्रमगंज में है। जबकि सभी पीएचसी में कोरोना मरीजों के लिए एक-एक एंबुलेंस की आवश्यकता है।

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