जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास) : सदर प्रखंड के धौड़ाढ गांव में असिचित खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पहाड़ी से पईन निर्माण का कार्य ग्रामीणों ने शुरू कर दिया है। सिचाई की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांच किलोमीटर लंबे पाइन खोदाई के लिए मनरेगा का भी उन्हें सहारा मिला है। पईन निर्माण के बाद पांच सौ एकड़ से अधिक खेतों में फसलें लहलहाने लगेगी।

ग्रामीणों की मानें तो कैमूर पहाड़ी के समीप स्थित इस गांव में धान, गेहूं के अलावा दलहन, तेलहन, सब्जी आदि की खेती होती है। पानी की कमी से उत्पादन पर असर पड़ता है। अब पहाड़ी झरनों का पानी तालाब में लाने के लिए पईन निर्माण की मांग काफी दिनों से की जा रही थी। ग्रामीण जब तत्पर हुए तो मुखिया भी सक्रिय हो इसके समाधान में लग गए। मुखिया जयशंकर शर्मा बताते है कि पहाड़ी का पानी इस क्षेत्र के किसानों के लिए सिचाई का एक मात्र सहारा है। पहाड़ी का पानी इस पईंन से होकर क्षेत्र के गोरेया ताल, विशाहीपुर ताल तथा गोपालपुर ताल में पहुंचेगा। तालों में संचय पानी से धौडाड़ के अलावा भड़कुडिया, लेरूआ, चितावनपुर व मेदनीपुर गांव की असिचित भूमि तक हुंचेगा। किसान इस क्षेत्र में धान व गेहूं के अलावा काफी संख्या में सब्जी की खेती करते है। इस कार्य में मनरेगा के माध्यम से गांव के मजदूरों को कोरोना काल में रोजगार भी मिल रहा है। ग्रामीण उमरेंद्र कुमार सुमन बताते है कि तालाबों में जल संरक्षण से ही भूमिगत जलस्तर नीचे नहीं जाएगा। गर्मी के दिनों में जलस्तर खिसकने से बोरिग से भी पानी नही मिलता है। ग्रामीण काफी समय से पंचायत प्रतिनिधियों से मांग कर रहे थे कि पहाड़ी से निकलने वाले नालों व पइन का निर्माण व सफाई कार्य किया जाए ताकि खेती के लिए आसानी से सिचाई की सुविधा उपलब्ध हो जाए। ग्रामीण बजरंगी, दीपक कुमार कुशवाहा व राधा लाल बताते है कि असिचित क्षेत्र इस तरह की कवायद से निश्चित रूप से किसानों को लाभ मिलेगा। कृषि के समृद्धि होने से उस पर आधारित अन्य व्यवसाय को भी लाभ मिलेगा। पइन खोदाई को ले ग्रामीण उमा शर्मा, उमा कुशवाहा, पंकज कुमार सिंह, जलेश्वर सिंह, अवध बिहारी सिंह व गोल्डन कुमार खासा उत्साहित है।

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