मोहम्मद इस्लाम के हाथों सजेगा मां का दरबार, रोहतास के करगहर में कोलकाता की तर्ज पर बनेगा भव्य पंडाल
रोहतास के करगहर में इस बार दुर्गा पूजा खास होगी, जहाँ मोहम्मद इस्लाम की टीम कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर ...और पढ़ें

ऐसा ही बनेगा करगहर का पूजा पंडाल।
HighLights
मोहम्मद इस्लाम की टीम बना रही कोलकाता की तर्ज पर पंडाल।
करगहर की दुर्गा पूजा हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक।
60 फीट ऊंचा पंडाल, बंगाल की कारीगरी की झलक दिखेगी।
सुरेंद्र तिवारी, जागरण, करगहर (रोहतास)। करगहर बाजार की दुर्गा पूजा इस बार दो वजहों से खास होने जा रही है। यहां कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है।
इसे प्रसिद्ध कारीगर मोहम्मद इस्लाम की टीम आकार दे रही है। मां की भक्ति में हिंदू-मुस्लिम एकता की यह तस्वीर हर वर्ष शाहाबाद में चर्चा का विषय रहती है।
करगहर दुर्गा पूजा समिति की नई कार्यकारिणी ने इस बार पूजा को और भव्य बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिन-रात पंडाल स्थल पर जुटे हुए हैं।
करगहर की दुर्गापूजा भव्यता के लिए प्रसिद्ध
समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि करगहर की दुर्गा पूजा रोहतास जिले में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है।
इस बार श्रद्धालुओं को कुछ नया देने के उद्देश्य से कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार कराया जा रहा है। करीब 60 फीट ऊंचे पंडाल में बंगाल की कारीगरी की झलक देखने को मिलेगी।
20 वर्षों से इस्लाम तैयार कर रहे पंडाल
कोषाध्यक्ष विजय प्रसाद केशरी ने बताया कि पंडाल निर्माण के लिए अनुभवी कारीगर मोहम्मद इस्लाम और उनकी टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
मोहम्मद इस्लाम पिछले करीब 20 वर्षों से दुर्गा पूजा के पंडाल तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य ऐसा भव्य पंडाल तैयार करना है, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक याद रखें। पंडाल निर्माण में श्रद्धालुओं का भी सहयोग मिल रहा है।
सचिव महावीर सौंड्रीक और राकेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल प्रतिमा स्थापना का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश देती है।
पूरी श्रद्धा से देवी का दरबार सजाते हैं इस्लाम
मोहम्मद इस्लाम का समिति से वर्षों पुराना जुड़ाव है और वे पूरी श्रद्धा के साथ मां का दरबार सजा रहे हैं। यही करगहर की पहचान है।
पूजा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए युवाओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम भी इस बार भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
कारीगर मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि पंडाल में थर्माकोल, बांस और कपड़े का इस्तेमाल किया जा रहा है। कोलकाता के मंदिर की नक्काशी और डिजाइन को पंडाल में उतारने का प्रयास किया जा रहा है। 15 से अधिक कारीगर दिन-रात काम में जुटे हैं। नवरात्र के पहले दिन तक पंडाल तैयार कर लिया जाएगा।
