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मातम में बदला त्योहार का जश्न: रोहतास में जनार्दन की हत्या से पसरा सन्नाटा, परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

Published: Thu, 22 Oct 2026 08:13 PM (IST)

रोहतास के डुमरा गांव में जनार्दन तिवारी की हत्या के बाद उनका परिवार बेसहारा हो गया है, जिसमें उनकी विधवा पत्नी और एक किशोर पुत्र शामिल हैं।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. जनार्दन तिवारी की हत्या से परिवार पूरी तरह बेसहारा हुआ।

  2. मृतक परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य और कर्ताधर्ता थे।

  3. पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय बताई गई।

संवाद सूत्र, करगहर (रोहतास)। स्थानीय थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में जनार्दन तिवारी की हत्या के बाद उनका पूरा परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, मृतक ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य और कर्ताधर्ता थे। उनके परिवार में उनकी विधवा पत्नी और एक किशोर पुत्र अभिमन्यु तिवारी उर्फ अलगू तिवारी हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय और गरीब है। जनार्दन तिवारी ही मेहनत-मजदूर कर पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करते थे।

इस दुखद घड़ी में विभिन्न संगठनों द्वारा पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

दशहरा के पावन अवसर पर जहां एक ओर गांव में उत्सव का माहौल होना चाहिए था, वहीं इस हृदयविदारक घटना ने सारी खुशियों को गम में बदल दिया है।

हत्या के सदमे में डूबा डुमरा गांव, नहीं मन सका दशहरा

स्थानीय थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में जनार्दन तिवारी की हत्या के बाद उनका पूरा परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य और कर्ताधर्ता थे।

उनके परिवार में उनकी विधवा पत्नी और एक किशोर पुत्र अभिमन्यु तिवारी उर्फ अलगू तिवारी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय और गरीब है। जनार्दन तिवारी ही मेहनत-मजदूरी कर पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करते थे।

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