बिक्रमगंज, जेएनएन। स्थानीय इंटर कॉलेज खेल मैदान में शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान महासभा का चौथा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज हुआ। किसान महापंचायत का उद्घाटन भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने किया। सम्मेलन की शुरुआत किसान महापंचायत से हुई, जिसमें मेधा पाटेकर समेत कई दिग्गजों ने अपने विचार रखे।

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर ने कहा कि हमें खेती और उसकी हरियाली बचाने की लड़ाई लड़नी है। उन्होंने कहा आज बड़ी कारपोरेट कंपनियां हमारे संसाधनों और हमारे उत्पादों पर कब्जा कर रहे हैं। आज देश की बड़ी आबादी को शिक्षा और स्वास्थ्य से वंचित किया जा रहा है। कारपोरेट कंपनियां पर्यावरण को नुकसान पहुंचा कर पूरी मानवता को कष्ट में डाल रही हैं।

'सरकार वसूल रही खाने के सामानों पर टैक्स'

उन्होंने कहा जिन लोगों ने जीवन भर तिरंगे झंडे की अवमानना की वही आज झंडा यात्रा निकाल रहे हैं। देश के ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने बता दिया दिया है कि जन आंदोलन के बल पर सत्ताधीशों को झुकाया जा सकता है। दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। यह पहली सरकार है, जिसने गरीब के आटा, चावल पर भी टैक्स वसूल रही है। यह सम्मेलन राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन का सम्मेलन है।

उन्होंने कहा कि देश के सारे संस्थान और संसाधन कारपोरेट के कब्जे में जा रहे हैं। किसानों ने अपने आंदोलन के बल पर भूमि अधिग्रहण के तीन अध्यादेश और तीन कृषि कानून वापस लेने पर मोदी सरकार को मजबूर किया। एआइकेएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धावले ने कहा कि देश के संसाधनों को लुटाने वाली इस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की जरूरत है।

यह लोग हुए शामिल

किसान संघर्ष समिति के नेता डा. सुनीलम ने कहा आज लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तेजिंदर विर्क ने भी किसानों की कई मांग उठाया। किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुल्दू सिंह ने सम्मेलन की शुरुआत में झंडातोलन किया और शहीद बेदी पर पुष्प चढ़ाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अध्यक्षीय भाषण दिया।

सम्मेलन के माध्यम से एमएसपी गारंटी कानून, गरीबों की खाद्य सुरक्षा के लिए पीडीएस सिस्टम का विस्तार, कदवन डैम का निर्माण, सोन नहर प्रणाली का पुनर्निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। संचालन किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह तथा स्वागत भाषण स्थानीय विधायक अरुण सिंह ने किया। किसान महापंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत, देवेंद्र सिंह चौहान,कार्तिक पाल, जय प्रकाश नारायण, फुलचंद ढेवा, हीरा गोप समेत अन्य ने भी अपने विचार रखे।

Edited By: Umesh Kumar