पूर्णिया। सदर अस्पताल के संक्रमण वार्ड में डेंगू के मरीज के परिजन की तीन मोबाइल और 25 हजार रुपये की नकद चोरी हो गई घटना मंगलवार रात की है। मंगलवार को एक मरीज मु. इब्राहिम सदर अस्पताल के संक्रमण वार्ड में भर्ती हुए थे। मु. इब्राहीम केनगर मूगल टोली के रहने वाले है। एक दिन पहले ही वह दिल्ली से लौटे थे। उनको तेज बुखार और उल्टी की शिकायत थी। दिल्ली से रवाना होने से पहले ही वह बुखार की चपेट में आ गये थे। निजी अस्पतालों में दिखाने के बाद डेंगू लक्षण का पता चलने पर भर्ती सदर अस्पताल में की गई थी जहां उनका इलाज चल रहा था। उनकी चाची नुसरत ने बताया कि एक बैग था जिसमें तीन एटीएम कार्ड और तीन मोबाइल और 25 हजार रूपए रखे थे। सुबह उठने पर बैग गायब था। थैली को वह अपने पास ही लेकर सो रही थी। नकद इतनी राशि अपने पास क्यों रखा इसके जवाब में नूसरत ने कहा कि उसके भतीजे की तबीयत बहुत खराब थी और मंगलवार को ही दो एटीएम से उसने नगद राशि की निकासी की थी जिसको बैग में रखा था। पहले वह निजी अस्पताल में लेकर गई थी। नुसरत ने बताया कि रात एक बजे जब जगी तो इस्माइल की तबीयत थोड़ी स्थिर होने के बाद आंख लग गई। इसी दौरान उसकी थैली गायब हो गई। सुबह साढ़े तीन बजे जब उसकी आंख खुली तो उसने देखा की बैग गायब है। बैग में दो सामान्य मोबाइल और एक एंड्रायड मोबाइल था। उसी बैग में नगद 25 हजार रूपए और तीन बैंकों का एटीएम कार्ड भी रखा हुआ था। इसके अलावा मरीज का मेडिकल पर्ची भी उसी में थी। इसकी सूचना जब अस्पताल के गार्ड को दी गई थी उसने खोजने की कोशिश तक नहीं की उल्टे कहा कि अपने सामान की रक्षा स्वयं करनी चाहिए। यहां इतने लोग आते हैं क्या किया जा सकता है। नुसरत ने बताया कि संक्रमण वार्ड बिल्कुल अस्पताल के अन्य वार्ड से अलग है। रात में यहां रूकने में डर लगता है लेकिन मरीज को छोड़ कर कहां जाएंगे। ऐसी बात अन्य मरीजों ने भी बताई। वार्ड के पास इतनी गंदगी रहती है कि यहां पर रुकना मुश्किल है। परिजन के मुताबिक रात में संक्रमण वार्ड में कोई सुरक्षा कर्मी भी नहीं रहता है। इसके दरवाजे भी कमजोर हैं और खिड़कियों भी खुली ही रहती है। वार्ड में हमेशा लोग आते -जाते रहते हैं कोई रोकने और टोकने वाला भी नहीं है। चोरी की घटना का एक आवेदन परिजन ने थाने में भी दिया है।

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Posted By: Jagran