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पूर्णिया में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली, भवन की कमी से मुर्गा फार्म और पेड़ के नीचे परीक्षा देने को मजबूर छात्र

Published: Tue, 22 Sep 2026 06:03 PM (IST)

पूर्णिया के ओरलाहा स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में भवन के अभाव के कारण छात्रों को पेड़ के नीचे और मुर्गा फार्म में परीक्षा देनी पड़ रही है।

पूर्णिया में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली

पूर्णिया में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली

HighLights

  1. पूर्णिया के ओरलाहा विद्यालय में भवन की भारी कमी।

  2. छात्र पेड़ के नीचे और मुर्गा फार्म में परीक्षा दे रहे।

  3. बीईओ ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

संवाद सहयोगी,धमदाहा (पूर्णिया)। एक ओर सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक सुविधाएं और मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बी. कोठी प्रखंड के ओरलाहा गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। 

विद्यालय में इन दिनों टेस्ट परीक्षा आयोजित की जा रही है, लेकिन पर्याप्त भवन और कमरों के अभाव में विद्यार्थियों को असुविधाजनक परिस्थितियों में परीक्षा देनी पड़ रही है।

विद्यालय में जगह की कमी के कारण कुछ छात्र बोरा बिछाकर जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। वहीं, विद्यालय परिसर में जगह नहीं मिलने पर कुछ परीक्षार्थियों को पेड़ के नीचे, मिठाई की दुकान के आसपास और यहां तक कि मुर्गा फार्म में बैठाकर परीक्षा लेने की स्थिति सामने आई है। इससे परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक माहौल पर सवाल उठ रहे हैं।

दस साल से अधिक समय से अपग्रेड, अब तक पर्याप्त भवन नहीं

स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों के अनुसार विद्यालय को उत्क्रमित हुए करीब दस साल से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त भवन और कमरे उपलब्ध नहीं हैं। विद्यालय में मौजूद कमरों में भी बेंच-डेस्क समेत अन्य संसाधनों की कमी बताई जा रही है।

परीक्षा के दौरान कई विद्यार्थियों को जमीन पर बोरा बिछाकर बैठना पड़ा। वहीं, कमरों की कमी के कारण विद्यालय से बाहर भी परीक्षा के लिए स्थान तलाशना पड़ा। इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पेड़ के नीचे और मुर्गा फार्म में परीक्षा की तस्वीर

परीक्षा व्यवस्था की सबसे चिंताजनक तस्वीर तब सामने आई, जब कुछ विद्यार्थी विद्यालय परिसर के बजाय पेड़ के नीचे और अन्य स्थानों पर बैठकर परीक्षा देते नजर आए। कुछ छात्रों के लिए मुर्गा फार्म में भी परीक्षा की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।

मैट्रिक से लेकर 12 वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित परीक्षा में ऐसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा उनके भविष्य से जुड़ी है और उन्हें शांत एवं उचित वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें असुविधा के बीच परीक्षा देनी पड़ रही है।

विद्यालय प्रधान ने कहा- भवन के अभाव में बनी ऐसी स्थिति

मामले को लेकर विद्यालय प्रधान ने बताया कि विद्यालय में भवन का अभाव है। पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही है। उनके अनुसार भवन की कमी ही इस समस्या का मुख्य कारण है।

बीईओ बोले- जांच कर होगी उचित कार्रवाई

इस संबंध में पूछे जाने पर बीईओ उमेश कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी स्थिति सामने आएगी, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

दस साल बाद भी भवन का इंतजार

उत्क्रमित विद्यालय में मैट्रिक से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होने के बावजूद यदि विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं हैं, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। विद्यालय के उत्क्रमण के एक दशक से अधिक समय बाद भी भवन और संसाधनों की कमी बनी रहना विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकता है। अब देखना यह है कि जांच के बाद शिक्षा विभाग विद्यालय की भवन एवं संसाधन संबंधी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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