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बिहार: तीन जिगरी दोस्त, एक साथ जिंदगी… और एक ही चिता पर अंतिम विदाई

Published: Thu, 13 Aug 2026 10:03 PM (IST)

पूर्णिया के चंद्रही गांव में भवेशा धार में नहाते समय तीन जिगरी दोस्त डूब गए, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास ...और पढ़ें

तीन जिगरी दोस्त, एक साथ जिंदगी… और एक ही चिता पर अंतिम विदाई

तीन जिगरी दोस्त, एक साथ जिंदगी… और एक ही चिता पर अंतिम विदाई

HighLights

  1. पूर्णिया के चंद्रही गांव में तीन दोस्त भवेशा धार में डूबे।

  2. एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में तीनों की हुई मौत।

  3. सच्ची दोस्ती की मिसाल, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार।

संवाद सहयोगी, धमदाहा (पूर्णिया)। गांव की गलियों में हर वक्त साथ दिखने वाले तीन मासूम दोस्तों की दोस्ती आखिरकार मौत के बाद भी नहीं टूटी। चंद्रही गांव में भवेशा धार में नहाने गए तीनों दोस्त एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में खुद भी गहरे पानी में समा गए।

जिस दोस्ती की मिसाल गांव वाले दिया करते थे, उसका सबसे मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया जब पोस्टमार्टम के बाद तीनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।

बताया जाता है कि तीनों बचपन से जिगरी दोस्त थे। साथ खेलना, साथ खाना, साथ स्कूल जाना और दिनभर एक-दूसरे के साथ रहना उनकी दिनचर्या थी। बुधवार को भी वे हमेशा की तरह साथ ही नहाने के लिए भवेशा धार पहुंचे थे।

नहाने के दौरान एक बालक का पैर फिसला और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए दूसरा दोस्त कूद पड़ा, फिर तीसरा भी अपने दोनों साथियों को बचाने के लिए पानी में उतर गया। लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण तीनों बाहर नहीं निकल सके।

घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास होकर नदी किनारे पहुंचे, वहीं ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बाहर निकाले गए।

गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव महादलित टोला पहुंचे तो हर ओर चीख-पुकार मच गई। मां-बाप अपने लालों से लिपटकर रोते रहे और पूरा गांव गम में डूब गया।

शाम को लिबड़ी कोशी नदी के किनारे तीनों दोस्तों को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। जलती चिता को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। किसी ने कहा, “जिंदगी भर साथ रहे, मौत भी इन्हें अलग नहीं कर सकी।” गांव के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने ऐसी मार्मिक घटना पहले कभी नहीं देखी।

तीनों मासूमों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गांव में मातम पसरा है और हर किसी की जुबान पर बस यही बात है, सच्ची दोस्ती शायद यही होती है, जो आखिरी सांस तक साथ निभाए।

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