पूर्णिया में 8 दिनों के भीतर नदी में समाये 2 पुल, 12 पंचायतों की शहर से कनेक्टिविटी कट; गुणवत्ता पर उठे सवाल
पूर्णिया में आठ दिनों के भीतर दो पुलों से जुड़ी घटनाएं सामने आईं, जिसमें एक पुल का मध्य भाग धंस ...और पढ़ें

ग्रामीणों ने पुलों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल। फोटो जागरण
HighLights
पूर्णिया में आठ दिनों में दो पुल क्षतिग्रस्त हुए।
एक पुल का मध्य भाग धंसा, दूसरा ट्रक सहित नदी में।
12 पंचायतों का आवागमन बाधित, नाव सेवा की मांग।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। महज आठ दिनों के भीतर में जिले में पुल से संबंधित दो घटनाएं हो चुकी है। गत 29 अगस्त को महज एक साल पूर्व कसबा प्रखंड के मोहनी पंचायत में सौरा नदी पर 14 लाख की लागत से बना पुल का मध्य भाग में ही धसान हो गया था। इस पुल से भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
गेरुआ चौक के पूर्व बने इस पुल के धंसने से लगभग पांच पंचायतों के लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। 15वीं वित्त योजना के तहत बने इस पुल के निर्माण में घोर अनियमितता बरतने का आरोप भी लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और पर्याप्त मात्रा में सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया। यही वजह है कि निर्माण के महज एक साल के भीतर ही पुल की संरचना कमजोर पड़ गई और अब जगह-जगह से धंसने लगा है।
पुल के निर्माण में कम राशि का रोना भी है। 15वीं वित्त योजना का उद्देश्य गांवों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना है, लेकिन मोहनी पंचायत में उससे पुल निर्माण कराया गया।
अब अमाैर प्रखंड क्षेत्र के आसियानी घाट पर स्क्रू पाइप पुल का एक स्लैब ट्रक समेत नदी में समा गया है। इस पुल की हालत पहले से जर्जर थी। इसमें सूचना पट लगाकर विभाग अपने दायित्व का इतिश्री कर लिया था।
यह सूचना पट भी झाड़ियों में छिप गया था। कहीं कोई अवरोधक नहीं लगा था। इस पुल की जर्जर हालत के चलते ही इसके विकल्प के तौर पर कुछ दूरी पर आरसीसी पुल का निर्माण भी चल रहा है।
इस स्थिति के बावजूद पुल होकर बड़े वाहनों की आवाजाही को लेकर सजगता बरतने में कोताही बरती गई। फाइलों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर जरुर रोक थी, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नहीं था। जमीन व फाइल में बड़ा फासला उजागर हो चुका है।
मझधार में 12 पंचायतों की आबादी, नावों का इंतजार
प्रखंड में परमान नदी पर तियरपारा स्थित असियानी घाट का स्क्रू पाइल पुल टूटने के बाद अब आवागमन बहाल करना प्रशासन और विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
पुल टूटने से करीब 12 पंचायतों के लोगों की आवाजाही प्रभावित है। नदी पार करने के लिए वैकल्पिक नाव की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन सोमवार तक नियमित नाव सेवा शुरू नहीं हो सकी।
इससे ग्रामीणों को नदी पार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुल का बीच का हिस्सा टूटने के दौरान एक ट्रक नदी में गिर गया था। इसके बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है।
पुल बंद होने से छात्र-छात्राओं, मरीजों, किसानों, मजदूरों और नौकरी-पेशा लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। लोगों को अपने जरूरी काम के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है।
पुल टूटने की सूचना के बाद सोमवार को सांसद प्रतिनिधि प्रवेज आलम के साथ एहसान हसन, हसीबुर्रहमान, शफीक आलम, संग्राम सिंह और महमूद आलम मौके पर पहुंचे।
जनप्रतिनिधियों ने क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने नाव सेवा शुरू नहीं होने, टूटे पुल के आसपास सुरक्षा और आवागमन की समस्या से उन्हें अवगत कराया।
सांसद प्रतिनिधि प्रवेज आलम ने कहा कि लोगों को तत्काल राहत देने के लिए दो नावों की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जिलाधिकारी से संपर्क कर इसमें एक छोटी और एक बड़ी नाव की व्यवस्था करायी जा रही है। नाव सेवा शुरू होने के बाद नदी के दोनों ओर फंसे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
इधर ग्रामीणों ने निर्माणाधीन आरसीसी पुल के काम में तेजी लाने की मांग की। सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि आरडब्ल्यूडी विभाग को पुल निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि लोगों को लंबे समय तक परेशानी न हो, इसके लिए निर्माण कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा कराने का प्रयास होना चाहिए।
गौरतलब है कि इसी स्थान पर पुराने स्क्रू पाइल पुल के टूटने की घटना हुई है। वहीं, नए आरसीसी पुल का निर्माण अभी अधूरा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरसीसी पुल का निर्माण तेजी से पूरा नहीं हुआ तो आने वाले समय में भी क्षेत्र के लोगों को आवागमन की समस्या से जूझना पड़ेगा।
टूटे पुल के पास जलालगढ़ थाना द्वारा पुलिस तैनात कर दिया गया है। आवागमन रोकने के लिए पुल के आगे दीवाल भी बनाया गया है।
यह भी पढ़ें- भोजपुर में जाम से निपटने की नई रणनीति, हाईवे पर बनाए गए 6 नए ट्रैफिक प्वाइंट; अफसर-जवान रहेंगे तैनात
