पूर्णिया: बीपीएससी की 65 वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा मंगलवार को जिले के 29 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हो गई। परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर 14270 परीक्षार्थियों की व्यवस्था की गई थी लेकिन परीक्षा में शामिल होने आठ हजार से अधिक छात्र ही पहुंचे। बावजूद एक साथ इतने छात्रों के पहुंचने से यहां व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई।

परीक्षा को लेकर हालांकि जिला प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गई थी बावजूद परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ी। रहने-सहने से लेकर आवागमन में भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। दरअसल महिला परीक्षार्थियों को छोड़ दूर के जिलों यथा जमुई, पटना, मुंगेर आदि के छात्रों का सेंटर पूर्णिया में बनाया गया था। इसलिए वे लोग एक दिन पूर्व ही पूर्णिया पहुंच गए थे। अधिकांश छात्र कोशी एक्सप्रेस ट्रेन से मध्य रात्रि को पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर उतरे लेकिन वहां न तो उनके ठहरने की कोई व्यवस्था थी और रात्रि में वहां से मुख्यालय आने के लिए भी कोई साधन मौजूद नहीं थे। फलत: अधिकांश छात्रों को स्टेशन पर ही रात जैसे-तैसे गुजारनी पड़ी। सभी होटल, लॉज वगैरह फूल थे जिससे उन्हें नित्य क्रिया से निवृत होने में भी परेशानी हुई। दूर सेंटर जैसे विद्या विहार परोरा, मरंगा आदि जगहों पर पहुंचने में छात्रों को काफी कठिनाई हुई। परीक्षार्थियों की भीड़ की वजह से सुबह में और दोपहर में जिला मुख्यालय में ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न हो गई। खासकर जब दोपहर में 2 बजे एक साथ हर जगह परीक्षा समाप्त हुई तो शहर के हर चौक-चौराहों पर जाम लग गया। काफी देर बाद ट्रैफिक सामान्य हो पाया। वहीं आवागमन की समस्या की वजह से छात्रों को वापस लौटने में भी परेशानी हुई। कम ट्रेन होने के कारण सभी रूटों पर जाने वाली ट्रेन में परीक्षार्थी ठूंस-ठूंस कर सफर करने को विवश हुए। वहीं पटना जाने वाली सभी बसें भी फूल थी। छात्र बस की छत पर चढ़कर भी अपने गंतव्य तक पहुंचे। यानि पूरे दिन शहर में व्यवस्था अस्त-व्यस्त रही।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस