पूर्णिया : अभी डेंगू का डंक थमा भी नहीं था कि इसके साथ जिले में चिकनगुनिया का भी हमला शुरू हो गया है। अमौर प्रखंड में चिकनगुनिया बुखार से पीड़ित एक की पुष्टि स्वास्थ विभाग द्वारा की गई है। पीएमसीएच में अमौर के मो सलमान का जांच के बाद इस पुष्टि हुई। पिछले वर्ष भी अमौर से एक चिनकगुनिया का मामला सामने आया था। मंगलवार को सर्विलांस टीम अमौर के पियरपारा गांव का दौरा किया। मरीज की हिस्ट्री के बारे में जानकारी ली। मो सलमान कुछ माह पूर्व दिल्ली से लौटा था। वापस दिल्ली जाने के क्रम में तबीयत खराब हो गई। वह दिल्ली जाने के बजाय पटना उतर गया। वहीं पर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करवाया। वहां इलाज के दौरान ही जांच में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। अब वह वापस में अपने गांव लौट गया है। गांव के अन्य लोगों के चेकअप के लिए सदर अस्पताल से एक मेडिकल टीम बुधवार को जाएगी। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। अबतक जिले में 15 डेंगू रोगी की पहचान विभाग द्वारा की गई है। अब चिकनगुनिया का भी एक मामला समाने आने के बाद स्वास्थ विभाग की चुनौती बढ़ गई है। मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुभाष चंद्र पासवान ने बताया कि सर्विलांस और फॉगिंग विभाग कर रहा है। चिकनगुनिया का एक मामले की पुष्टि हुई है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके के अन्य बुखार से पीड़ित लोगों की जांच की जा रही है और पूरे इलाके में फॉगिंग भी कराया गया है।

क्या है चिकनगुनिया

चिकनगुनिया और डेंगू एक तरह के एडिस मच्छर के काटने से होता है। दोनों के लक्षण भी एक ही तरह के हैं। इसमें तेज बुखार के साथ जोड़ों में काफी तेज दर्द हो जाता है यहां तक कि चलने और उठने में भी परेशानी होने लगती है। किसी-किसी में चिकनगुनिया के लक्षण के तौर पर शरीर में चकते -चकते नजर आते हैं। इसके अलावा सामान्य बुखार के लक्षण मसलन तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द, चक्कर आना और उल्टी महसूस होना भी शामिल है। डेंगू बुखार के लक्षण एक सप्ताह में ही मानव शरीर में प्रकट हो जाता है लेकिन चिकनगुनिया एक माह तक शरीर में रह सकता है और यह देर से प्रकट होता है। जिले में हाल के वर्षों में चिकनगुनिया का दूसरा मामला है। इससे पहले 2018 में एक मामला अमौर प्रखंड से ही मिला था।

Posted By: Jagran

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