नाव पर सवार होकर रुपौली पहुंचे पप्पू यादव, बाढ़ पीड़ितों को दिए पैसे और राहत सामग्री
पप्पू यादव ने रुपौली विधानसभा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, नाव से गांवों तक पहुंचकर पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता दी।
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बाढ़ पीड़ित लोगों के बीच नकद आर्थिक मदद करते सांसद पप्पू यादव। (जागरण)
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। लोकसभा क्षेत्र के रुपौली विधानसभा में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। शनिवार को पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रुपौली प्रखंड के कोयली सिमरा पूरब पंचायत के कौसकीपुर गांव सहित कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क टूट जाने के कारण सांसद नाव के माध्यम से प्रभावित गांवों तक पहुंचे और हजारों बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, परेशानियां और जरूरतें सुनीं।
इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल नकद आर्थिक सहायता दी। सांसद ने कहा कि जनता की परेशानी ही उनकी परेशानी है और संकट की इस घड़ी में वे बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े हैं।
सांसद के अनुसार, उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से एक दिन पहले भी गांव में सूखा राहत सामग्री भेजी गई थी। कौसकीपुर गांव में सड़क और बिजली की गंभीर समस्या को देखते हुए सांसद ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और आवागमन तथा बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जब गांवों का संपर्क टूट जाता है तो सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को होती है। ऐसे में राहत सामग्री, भोजन, आर्थिक सहायता और जरूरी सुविधाएं समय पर लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे। रुपौली के प्रभावित इलाकों में राहत और सहायता का अभियान बाढ़ का प्रभाव कम होने तक जारी रहेगा।
बाढ़ की स्थिति को लेकर सांसद पप्पू यादव ने सरकार और प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे सामुदायिक किचन भी दो दिन में बंद कर दिए गए हैं।
उनके अनुसार, दलित, महादलित और इबीसी टोलों में स्थिति और भी भयावह है। उन्होंने कहा कि कई जगह लोग कोसी के गंदे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं और फूस एवं टीन के घरों की छतों पर परिवार रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री पर बाढ़ की गंभीर स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार के करीब 19 से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से राहत एवं बचाव कार्य को और तेज करने की मांग की।
सांसद ने बाढ़ राहत, फ्लड फाइटिंग और एंटी-इरोशन के नाम पर खर्च होने वाली राशि को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद बाढ़ और कटाव की समस्या बनी हुई है और ठेकेदारों, नेताओं एवं अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि वे इस मामले को जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे और भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संघर्ष करेंगे।
अमित शाह से की अपील
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बिहार के बाढ़ पीड़ितों पर विशेष ध्यान देने की अपील की और उनके पूर्व में दिए बाढ़ मुक्त बिहार के वादे की याद दिलाई। सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ के समय राजनीतिक दिखावे की नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर लोगों की मदद करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों को गैर-चुनावी समय में भी लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा होना चाहिए।
सांसद ने कहा कि वह रुपौली में लगातार बाढ़ पीड़ितों के बीच बने हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। जब तक बाढ़ का प्रभाव कम नहीं होता और प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिलती, तब तक सहायता और सेवा का यह अभियान जारी रहेगा।
मुख्य रूप से रुपौली सांसद प्रतिनिधि मो. अफताब आलम उर्फ पप्पू, सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, मुरली मंडल, पूर्व प्रमुख बिहारी यादव, आलोक अकेला, गमन मंडल, अमित मंडल, प्रियांशु मंडल भवेश मंडल श्याम करन यादव, जय राम यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।
