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प्रबुद्ध वोटरों की चूक से 9086 वोट रद! 12% मत अवैध होने से घटा जीत का कोटा, दूसरी वरीयता से आया कोसी स्नातक MLC रिजल्ट

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:40 PM (IST)

Kosi Graduate MLC Election Result Invalid Votes: कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव में उच्च शिक्षित मतदाताओं के 9,086 से अधिक मत ...और पढ़ें

Kosi Graduate MLC Election Result Invalid Votes: कोसी स्नातक में 9086 वोट अवैध घोषित होने से घटा कोटा

Kosi Graduate MLC Election Result Invalid Votes: कोसी स्नातक में 9086 वोट अवैध घोषित होने से घटा कोटा

HighLights

  1. कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव में 9,086 मत अवैध घोषित।

  2. कुल मतदान का 12.36% मत अमान्य पाए गए।

  3. डॉ. एनके यादव ने द्वितीय वरीयता से जीत दर्ज की।

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Kosi Graduate MLC Election Result Invalid Votes:  बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों में एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक पहलू सामने आया है। उच्च शिक्षित, प्रबुद्ध और नीति-निर्धारक वर्ग के मतदाताओं वाले इस चुनाव में रिकॉर्ड 9 हजार से अधिक मत अवैध घोषित कर रद्द कर दिए गए।

निर्वाचन कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल पड़े 73 हजार 487 मतों में से 9 हजार 86 मत अमान्य पाए गए, जो कि कुल मतदान का 12.36 प्रतिशत बैठता है। भारी संख्या में मत रद्द होने के कारण जीत का कोटा कम तय हुआ और अंततः द्वितीय वरीयता के मतों के हस्तांतरण के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डॉ. एनके यादव ने 10 हजार 26 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ऐतिहासिक हैट्रिक लगाई।

वरीयता दर्ज करने में गच्चा खा गए स्नातक मतदाता

कोसी स्नातक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों में स्नातक मतदाताओं ने मतदान में उत्साह तो दिखाया, लेकिन एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) की तकनीकी बारीकियों को समझने में बड़ी संख्या में मतदाता चूक गए।

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र—मतगणना का पूरा गणित

  • कुल पड़े मत: 73,487

  • अवैध/अस्वीकृत मत: 9,086 (12.36%)

  • कुल वैध मत: 64,401 (87.64%)

  • जीत के लिए निर्धारित कोटा: 32,201 मत

  • जीत का अंतर: 10,026 मत

जांच के दौरान पाया गया कि कई मतदाताओं ने बैलेट पेपर पर निर्धारित अंकों (1, 2, 3...) की जगह शब्दों में अपनी प्राथमिकता लिख दी थी, तो कइयों ने एक ही वरीयता क्रम दो अलग-अलग प्रत्याशियों के सामने अंकित कर दिया था। इसके अलावा टिक मार्क या गलत निशान लगाने के कारण 9 हजार 86 मतपत्रों को गिनती से बाहर करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रद्द हुए मतों की यह तादाद किसी भी बड़े चुनावी उलटफेर को अंजाम देने के लिए पर्याप्त थी।

64401 वैध मतों से तय हुआ 32201 का कोटा

निर्वाचन नियमावली के तहत अवैध मतों की छंटनी के बाद शेष बचे 64 हजार 401 मतों को वैध घोषित किया गया। इसके आधार पर जीत के लिए अनिवार्य कोटे का निर्धारण हुआ। एकल संक्रमणीय मत पद्धति के अनुसार प्रत्याशी को जीत के लिए कुल वैध मतों के 50 प्रतिशत से एक अधिक यानी 32 हजार 201 मत हासिल करना जरूरी था।

सभी 15 प्रत्याशियों को अंतिम राउंड के बाद मिले मतों का विवरण

क्र.सं. प्रत्याशी का नाम दल / संबद्धता अंतिम राउंड के बाद मिले मत
1. डॉ. एन.के. यादव भारतीय जनता पार्टी (BJP) 31,823
2. नीतेश कुमार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 21,797
3. रजनीश रंजन जन सुराज पार्टी 16,264
4. मनोज कुमार जायसवाल इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) 2,297
5. वंदना कुमारी निर्दलीय 871
6. मिथिलेश कुमार झा निर्दलीय 673
7. संजीव कुमार निर्दलीय 667
8. संतोष कुमार तिवारी निर्दलीय 340
9. कुंदन लाल निर्दलीय 323
10. अमरेन्द्र कुमार साह निर्दलीय 283
11. मैथ्यूकुट्टी एन.डी. आम आदमी पार्टी (AAP) 139
12. डॉ. अभय कुमार निर्दलीय 125
13. मनोज कुमार सिंह निर्दलीय 108
14. कामेश्वर यादव निर्दलीय 36
15. बमभोला सहनी निर्दलीय 17

मंगलवार सुबह शुरू हुई मतगणना पूरी रात चली। प्रथम वरीयता के 11 राउंड की गिनती समाप्त होने के बाद कोई भी प्रत्याशी जीत के इस जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच सका।

दूसरी वरीयता के हस्तांतरण से निकला नतीजा

प्रथम वरीयता में कोटा हासिल न होने के बाद सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशियों को क्रमवार बाहर (एलिमिनेट) करते हुए उनके द्वितीय वरीयता के मतों का हस्तांतरण शुरू किया गया।

इस प्रक्रिया के पूर्ण होने पर भाजपा के डॉ. एनके यादव के मतों का आंकड़ा 31 हजार 823 तक पहुंच गया, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के नीतेश कुमार 21 हजार 797 मतों पर ही रुक गए। इस तरह डॉ. यादव ने 10 हजार 26 मतों के निर्णायक अंतर से जीत दर्ज की। तीसरे स्थान पर रहे जन सुराज के रजनीश रंजन को 16 हजार 264 मत मिले, जबकि कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल 2,297 मतों पर सिमट गए।

प्रमाण पत्र मिलते ही मना जश्न, युवाओं के मुद्दे उठाने का संकल्प

मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाची पदाधिकारी सह प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने चुनाव प्रेक्षक प्रेम सिंह मीणा की उपस्थिति में डॉ. एनके यादव को जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा। जीत की खबर फैलते ही एनडीए कार्यकर्ताओं ने पूर्णिया से लेकर भागलपुर तक अबीर-गुलाल लगाकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

जीत के बाद डॉ. यादव ने 14 जिलों के प्रबुद्ध मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, वित्तविहीन शिक्षकों के अधिकारों और युवाओं के रोजगार से जुड़े मसलों को सदन में और अधिक मुखरता से उठाएंगे।

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