पूर्णिया [जेएनएन]। बिहार के पूर्णिया स्थित बाल सुधार गृह में बुधवार शाम बाल कैदियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर एक बाल कैदी व हाउस फादर को मार डाला। इसके बाद गोलीबारी का फायदा उठाकर पांच बाल कैदी फरार हो गए। मृतक कैदी पॉक्सो एक्ट में आरोपित था। वहीं भागने वाले कैदियों में तीन हत्या के प्रयास व दो आर्म्‍स एक्ट के मामले में आरोपित बताए जा रहे हैं।
भागने वाले पांचों बाल कैदियों को किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी दिव्य प्रकाश ने बुधवार को ही शेखपुरा में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। दंडाधिकारी ने बताया था कि इन पांचों कैदियों को शेखपुरा बाल सुधार गृह भेजने का निर्देश दिया था। दंडाधकारी ने उन सभी को अधिक उम्र का मानते हुए बड़े जेल भेजने का निर्देश दिया था।
दो की हत्‍या कर भाग गए पांच बाल कैदी
घटना के संबंध में बताया जाता है कि पांचों बाल कैदी अचानक अपने कमरे से बाहर निकले। एक के हाथ में पिस्टल थी। उसने सबसे पहले हाउस फादर विजेंद्र कुमार को गोली मार दी। गोली उनके गले में लगी और वे वहीं गिर पड़े। बाल अपराधियों ने दूसरी गोली वहां रह रहे बाल कैदी सरोज कुमार के सिर में मारी। वह भी वहीं धराशायी हो गया। दोनों की मौत मौके पर ही हो गई। फायरिंग के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई एवं पांच बाल कैदी अंधाधुध फायरिंग करते हुए वहां से फरार हो गए।
रंजिश में कर दी बाल कैदी सरोज की हत्‍या
रिमांड होम के एक कर्मी ने बताया कि मंगलवार को रिमांड होम में बच्चों की जांच हुई थी, जिसमें एक बाल कैदी के पास से कोरेक्स की एक बोतल पकड़ी गई थी। इसके बाद बाल बंदियों पर रिमांड होम प्रशासन ने कड़ाई करते हुए सबको चेतावनी दी थी।
बाल कैदी सरोज कुमार पर मुखबिरी का शक हुआ। इसके बाद मंगलवार की रात उन लोगों ने उसकी पिटाई की थी। सरोज की शिकायत पर बुधवार को किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी रिमांड होम पहुंचे एवं मामले की सुनवाई की। दंडाधिकारी ने मामले में रिमांड होम में रह रहे पांच बाल कैदियों को दोषी पाया। दंडाधिकारी ने यह भी पाया कि उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है। उसके बाद उन्होंने पांच बाल कैदियों को किसी अन्य जेल में स्थानान्तरित करने का निर्देश दिया। इसके बाद उक्त बाल कैदियों में आक्रोश था। बताया जाता है कि उसी गुस्से के कारण उन बाल कैदियों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया।

घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद रिमांड होम में मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं अन्य वरीय अधिकारी पहुंचे। घटना के बाद पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। पुलिस मामले की जांच में डॉग स्क्वाइड का भी सहारा ले रही है। जांच का अहम बिंदु यह भी है कि आखिर सुधार गृह के अंदर पिस्तौल कैसे पहुंची?

Posted By: Amit Alok

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