ओपनिंग से लेकर फिनाले तक डॉ. एनके यादव का 'फ्रंटफुट शो'! पहले राउंड से ही बढ़त, कोसी स्नातक में लगी जीत की हैट्रिक
Kosi Graduate MLC Election Result 2026: बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के डॉ. एनके यादव ...और पढ़ें

Kosi Graduate MLC Election Result 2026: जीत के बाद डॉ एनके यादव।
HighLights
डॉ. एनके यादव ने कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव में हैट्रिक लगाई।
राजद के नितेश कुमार लगातार दूसरी बार उपविजेता रहे।
जन सुराज पार्टी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया, तीसरे स्थान पर।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Kosi Graduate MLC Election Result 2026: बिहार विधान परिषद के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मैराथन मतगणना बुधवार को संपन्न होने के साथ ही चुनावी घमासान का औपचारिक पटाक्षेप हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी बार रिकॉर्ड मतों से विजय पताका फहराकर जीत की हैट्रिक लगाई है।
मुकाबले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार नितेश कुमार को एक बार फिर उपविजेता रहकर निराशा का सामना करना पड़ा। निर्वाची पदाधिकारी सह पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने चुनाव प्रेक्षक प्रेम सिंह मीणा की गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. यादव को आधिकारिक विजय प्रमाण पत्र सौंपा।
भाजपा प्रत्याशी डॉ. एनके यादव ने पहले राउंड से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए रखी, जो 11वें राउंड तक अनवरत जारी रही। प्रथम वरीयता के 11 राउंड की समाप्ति पर डॉ. यादव को 24,258 मत मिले, जबकि राजद के नितेश कुमार 18,918 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
सभी 15 प्रत्याशियों को मिले अंतिम मतों का संपूर्ण विवरण:
डॉ. एन.के. यादव (भाजपा): 31,823 मत (विजेता)
नीतेश कुमार (राजद): 21,797 मत
रजनीश रंजन (जन सुराज पार्टी): 16,264 मत
मनोज कुमार जायसवाल (कांग्रेस): 2,279 मत
वंदना कुमारी (निर्दलीय): 871 मत
मनोज कुमार सिंह (निर्दलीय): 673 मत
मिथिलेश कुमार झा (निर्दलीय): 667 मत
संजीव कुमार (निर्दलीय): 340 मत
संतोष कुमार तिवारी (निर्दलीय): 323 मत
अमरेन्द्र कुमार साह (निर्दलीय): 283 मत
मैथ्यूकुट्टी एन.डी. (आप): 139 मत
अभय कुमार (निर्दलीय): 125 मत
बमभोला सहनी (निर्दलीय): 108 मत
कुंदन लाल (निर्दलीय): 36 मत
कामेश्वर यादव (आदर्श मिथिला पार्टी): 17 मत
पहली बार चुनावी अखाड़े में उतरी जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी रजनीश रंजन ने 15,536 (प्रथम वरीयता) मत हासिल कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का जोरदार प्रयास किया और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी मनोज कुमार जायसवाल महज 2,279 मतों पर सिमट गए।
9086 वोट अवैध घोषित
इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाला पहलू भारी संख्या में मतों का अमान्य होना रहा। प्रबुद्ध व स्नातक मतदाताओं वाले इस चुनाव में गलत तरीके से बैलेट पेपर भरने के चलते कुल पड़े 73,487 मतों में से 9,086 मत (12.40 प्रतिशत) अवैध घोषित कर रद्द किए गए। इनमें अधिकांश मतपत्रों पर अंकों की जगह शब्दों में वरीयता लिखने, टिक मार्क लगाने, क्रॉस करने या निर्धारित कॉलम से बाहर अंक दर्ज करने की गलतियां पाई गईं।
दूसरी वरीयता से हुआ जीत-हार का फैसला
अवैध मतों की छंटनी के बाद कुल 64,401 वैध मतों के आधार पर जीत का कोटा 32,201 मत निर्धारित किया गया था। चूंकि प्रथम वरीयता में कोई भी प्रत्याशी इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सका, इसलिए द्वितीय वरीयता (सेकंड प्रेफरेंस) के मतों की गिनती शुरू हुई।
द्वितीय वरीयता मत हस्तांतरण व अंतिम परिणाम:
| प्रत्याशी | दल | 1st वरीयता मत | 2nd वरीयता ट्रांसफर | कुल अंतिम मत | परिणाम / स्थिति |
| डॉ. एन.के. यादव | भाजपा | 24,258 | +7,565 | 31,823 | विजेता (10,026 मतों से जीत) |
| नितेश कुमार | राजद | 18,918 | +2,879 | 21,797 | उपविजेता (दूसरे स्थान पर) |
| रजनीश रंजन | जन सुराज | 15,536 | +728 | 16,264 | तीसरे स्थान पर |
| मनोज कुमार जायसवाल | कांग्रेस | 2,227 | +70 |
एलिमिनेशन प्रक्रिया के तहत द्वितीय वरीयता में भाजपा के डॉ. एनके यादव को 7,565 मत, राजद के नितेश को 2,879 मत, जन सुराज के रजनीश को 728 मत और कांग्रेस के मनोज को 70 मत प्राप्त हुए। इसके बाद डॉ. यादव का कुल आंकड़ा 31,823 पहुंच गया, जबकि राजद के नितेश 21,797 मतों पर ही ठहर गए।
- कुल पड़े मत: 73,487
- कुल अवैध मत: 9,086 (12.40%)
- कुल वैध मत: 64,401
- जीत का कोटा: 32,201 मत
यद्यपि डॉ. यादव कोटे के आंकड़े से महज 378 मत पीछे रहे, लेकिन नियम के अनुसार मैदान में शेष प्रत्याशियों में सर्वाधिक मत प्राप्त करने के कारण उन्हें 10,026 मतों के विशाल अंतर से निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
जन सुराज बना तीसरी शक्ति, दोनों गठबंधनों में लगाई सेंध
कोसी स्नातक क्षेत्र के चुनावी समर में पहली बार उतरी जन सुराज पार्टी ने अपनी दमदार उपस्थिति से सभी सियासी पंडितों को चौंका दिया। पार्टी प्रत्याशी रजनीश रंजन को कुल 16,264 मत मिले। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जन सुराज को मिली यह सफलता प्रत्याशी से अधिक पार्टी के बूथ व पंचायत स्तरीय माइक्रो-इलेक्शन मैनेजमेंट का परिणाम है।
जन सुराज ने एनडीए और महागठबंधन दोनों के वोट बैंक में सेंधमारी की। बताया जा रहा है कि भाजपा समर्थकों के एक धड़े ने द्वितीय वरीयता के रूप में जन सुराज को तरजीह दी, वहीं सीमांचल के कुछ अल्पसंख्यक व युवा मतदाताओं ने भी राजद के विकल्प के तौर पर जन सुराज का दामन थामा।
2020 में भी नितेश रहे थे निकटतम प्रतिद्वंद्वी
गौरतलब है कि वर्ष 2020 के कोसी स्नातक चुनाव में भी डॉ. एनके यादव ने नितेश कुमार को 6,901 मतों से हराया था। तब डॉ. यादव को 20,841 और नितेश को 13,940 मत मिले थे। इससे पूर्व 2014 में भी डॉ. यादव पहली बार भाजपा के टिकट पर इस सीट से जीते थे।
