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'RSS को अब आप संभालिए गुरुजी'... हिंदू राष्ट्र, भारत माता और वंदे मातरम् कहते हुए डॉ. हेडगेवार ने त्याग द‍िए प्राण

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:01 AM (IST)

Purnia Kala Bhavan Dr Hedgewar Play: पूर्णिया के कला भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ...और पढ़ें

Purnia Kala Bhavan Dr Hedgewar Play: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन करते कलाकार

Purnia Kala Bhavan Dr Hedgewar Play: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन करते कलाकार

HighLights

  1. डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन।

  2. पूर्णिया के कला भवन में हुआ भव्य आयोजन।

  3. RSS संस्थापक के राष्ट्र निर्माण संकल्पों को दर्शाया।

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Purnia Kala Bhavan Dr Hedgewar Play: ब‍िहार के पूर्ण‍िया शहर के प्रतिष्ठित कला भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के तपस्वी जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों पर आधारित एक भव्य नाटक का मंचन किया गया।

पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुए इस गरिमामयी आयोजन में शहर के नागरिकों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। मंचन के दौरान पूरा प्रेक्षागृह 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा।

Dr Hedgewar Play Staged in Purnia Kala Bhavan

नाटक के माध्यम से कलाकारों ने डॉ. हेडगेवार के बाल्यकाल से लेकर उनके अंतिम सांस तक के संघर्षपूर्ण सफर को अत्यंत सजीव ढंग से मंच पर उतारा। बाल्यकाल में ब्रिटिश हुकूमत के विरोध, नागपुर से निकलकर कोलकाता में चिकित्सा की शिक्षा ग्रहण करने और वहां गुप्त क्रांतिकारी संगठन ‘अनुशीलन समिति’ के संपर्क में आकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के प्रसंगों को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय से जीवंत कर दिया।

1925 में मोहिते के अखाड़े से शुरू हुई यात्रा

नाट्य प्रस्तुति का सबसे प्रमुख और भावुक दृश्य विजयादशमी 1925 को नागपुर के मोहिते के अखाड़े में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का रहा। नाटक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि विदेशी दासता से मुक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए केवल राजनीतिक आंदोलन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज को वैचारिक और चारित्रिक रूप से मजबूत करना अनिवार्य है।

Dr Hedgewar Play Staged in Purnia Kala Bhavan (1)

मंच पर गूंजे प्रेरक संवाद

  • बाल्यकाल का द्वंद्व (डॉ. हेडगेवार का पात्र):

    "मुट्ठी भर विदेशी व्यापारी हमारे विशाल देश पर राज कर रहे हैं और हम चुपचाप गुलामी सह रहे हैं? अंग्रेजों की इस सत्ता के सामने हमारा समाज आखिर कमजोर क्यों है? हमें अपनी शक्ति को पहचानना ही होगा!"

  • अनुशीलन समिति व क्रांतिकारी दौर:

    "केवल कलम और दवा से देश की बेड़ियां नहीं कटेंगी। अगर मातृभूमि को स्वतंत्र कराना है, तो युवाओं को प्राणों की बाजी लगाने के लिए तैयार होना पड़ेगा।"

  • 1925 में संघ स्थापना का क्षण:

    "राजनीतिक सत्ता बदल सकती है, लेकिन जब तक समाज का चारित्रिक और वैचारिक पतन नहीं रुकेगा, देश सुरक्षित नहीं रह सकता। हमें किसी पद या मान की लालसा नहीं चाहिए; हमारा ध्येय एक ही है—व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण!"

  • शाखा पद्धति व समरसता का संदेश:

    "इस मैदान में न कोई अगड़ा है, न पिछड़ा; न कोई भाषा का भेद है, न प्रांत की दीवार। यहां जो खड़ा है, वह सिर्फ और सिर्फ भारत माता का निष्काम सेवक है।"

dr hedgewar play staged in purnia kala bhavan (7)

डॉ. हेडगेवार द्वारा कुछ निष्ठावान बालकों और युवाओं को साथ लेकर 'शाखा पद्धति' की शुरुआत करने, स्वयंसेवकों में 'राष्ट्र प्रथम' का भाव भरने और बिना किसी पद व यश की लालसा के संगठन का बीज रोपने के दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Dr Hedgewar Play Staged in Purnia Kala Bhavan (2)

व्यक्ति निर्माण से ही संभव है राष्ट्र निर्माण

नाटक का केंद्रीय विचार ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ रहा। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से यह स्थापित किया कि किस प्रकार डॉ. हेडगेवार ने जाति, भाषा और प्रांत के तमाम भेदों को मिटाकर एक समरस और संगठित समाज की कल्पना की थी। व्यक्तिगत पारिवारिक त्रासदियों, अभावों और गंभीर अस्वस्थता के बावजूद उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन केवल और केवल भारत माता के चरणों में अर्पित कर दिया। उत्कृष्ट संगीत, सटीक प्रकाश संयोजन (लाइटिंग) और प्रभावी पार्श्व स्वरों ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया।

Dr Hedgewar Play Staged in Purnia Kala Bhavan (5)

विचार और संस्था थे डॉ. हेडगेवार

मंचन के उपरांत आयोजित सभा में संघ के क्षेत्रीय प्रचारक श्री रामनवमी जी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल एक व्यक्ति नहीं थे, वे स्वयं में एक विचार और जीवंत संस्था थे। युवाओं को उनके त्याग, संगठन कौशल और निष्काम कर्मयोग से प्रेरणा लेनी चाहिए।

वहीं, बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि वर्तमान दौर में वैचारिक भटकाव और राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए डॉ. हेडगेवार द्वारा रोपे गए राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के वटवृक्ष को निरंतर सींचना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

Dr Hedgewar Play Staged in Purnia Kala Bhavan (4)

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में पूर्णिया नगर निगम की उपसभापति पल्लवी गुप्ता, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह, प्रांत सह प्रचारक प्रवीर जी, विभाग सह संघचालक राम कुमार केशरी, महंत मुरारी दास, प्रांत बौद्धिक प्रमुख संतोष कुमार, विभाग सह कार्यवाह वीरेंद्र मेहता, नगर संघचालक प्रमोद पांडेय और जिला कार्यवाह दीपक कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उपस्थित जनसमूह द्वारा खड़े होकर किए गए सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ हुआ।

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