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कोसी MLC चुनाव: कांग्रेस के आने से राजद की राह मुश्किल; पप्पू यादव बनेंगे बड़ा फैक्टर, PK का लिटमस टेस्ट, BJP से NK

Published: Tue, 06 Oct 2026 09:11 AM (IST)

Bihar Kosi Graduate MLC Election 2026: कोसी स्नातक एमएलसी उपचुनाव में कांग्रेस के मैदान में उतरने से राजद की राह ...और पढ़ें

कोसी स्नातक MLC चुनाव 2026: प्रमुख प्रत्याशी व समीकरण

कोसी स्नातक MLC चुनाव 2026: प्रमुख प्रत्याशी व समीकरण

HighLights

  1. कांग्रेस की एंट्री से राजद के लिए चुनावी राह हुई मुश्किल।

  2. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव कांग्रेस प्रत्याशी के लिए निर्णायक फैक्टर।

  3. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का पहला चुनावी लिटमस टेस्ट।

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Bihar Kosi Graduate MLC Election 2026: कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (एमएलसी) उप-चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। सीमांचल और कोसी के इलाके में इस बार सियासी हवा का रुख पिछले विधानसभा चुनाव से काफी अलग और दिलचस्प नजर आ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम की मौजूदगी के चलते सीमांचल में कांग्रेस और राजद दोनों को बड़ा सियासी नुकसान उठाना पड़ा था।

विधान परिषद चुनाव का मिजाज भले ही आम चुनावों से भिन्न होता है, लेकिन स्नातक मतदाताओं के बीच समीकरण लगभग उसी अंदाज में साधे जा रहे हैं। अब इस चुनावी अखाड़े में कांग्रेस की सीधी दावेदारी ने राजद के लिए अग्निपरीक्षा की स्थिति खड़ी कर दी है। वोटों के इस बिखराव से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खेमा निश्चित तौर पर उत्साहित दिख रहा है। वहीं, पहली बार चुनावी मैदान में उतरी प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' के लिए भी यह चुनाव एक बड़ा लिटमस टेस्ट साबित होने जा रहा है।

आज कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन

चुनावी मैदान में भाजपा, राजद और जन सुराज के प्रत्याशी अपना नामांकन पहले ही दाखिल कर चुके हैं। अब मंगलवार, छह अक्टूबर को कांग्रेस प्रत्याशी मनोज कुमार जायसवाल विधिवत अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कांग्रेस ने अररिया निवासी मनोज जायसवाल को टिकट देकर पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ भाजपा के कोर वोटरों में सेंधमारी करने और सीमांचल में अपनी स्वतंत्र ताकत दिखाने की रणनीति बनाई है।

दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा

दूसरी ओर, राजद ने खगड़िया निवासी नीतेश कुमार यादव को प्रत्याशी बनाकर अपने कोर वोटरों को एकजुट रखने पर दांव लगाया है। भाजपा की ओर से वर्तमान एमएलसी डॉ. एन.के. यादव एक बार फिर मैदान में ताल ठोक रहे हैं। जन सुराज ने सहरसा निवासी डॉ. रजनीश को अपना उम्मीदवार बनाया है।

कोसी स्नातक MLC चुनाव 2026: प्रमुख प्रत्याशी व समीकरण

  • भाजपा (NDA): डॉ. एन.के. यादव (मौजूदा एमएलसी, कोर वोटर और विपक्ष के बिखराव पर नजर)।

  • राजद (RJD): नीतेश कुमार यादव (खगड़िया निवासी, कोर वोट बैंक सहेजने की चुनौती)।

  • कांग्रेस (INC): मनोज कुमार जायसवाल (अररिया निवासी, आज छह अक्टूबर को नामांकन, वैश्य व पारंपरिक वोटों में सेंध की रणनीति)।

  • जन सुराज (Jan Suraaj): डॉ. रजनीश (सहरसा निवासी, पहली बार चुनावी मैदान में लिटमस टेस्ट)।

  • की-फैक्टर: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की भूमिका और पूर्व सांसद उदय सिंह की रणनीति।

कांग्रेस और राजद के अलग-अलग लड़ने से महागठबंधन के पारंपरिक मतों में विभाजन तय माना जा रहा है, जिससे भाजपा अपने लिए अनुकूल राह देख रही है। हालांकि, जन सुराज के मैदान में रहने से भाजपा के सामने भी नए समीकरणों की चुनौती होगी। इसमें पूर्व सांसद उदय सिंह (पप्पू सिंह) की जमीनी सक्रियता काफी अहम मानी जा रही है।

सांसद पप्पू यादव बनेंगे सबसे बड़ा सियासी फैक्टर

इस पूरे राजनीतिक गणित में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की भूमिका सबसे निर्णायक रहने वाली है। सांसद पप्पू यादव की कांग्रेस से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। तकनीकी रूप से वे पार्टी में शामिल न हों, लेकिन हर मंच पर वे खुद को समर्पित कांग्रेसी बताते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भी निर्दलीय पर्चा भरने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस का ही झंडा बुलंद रखा था और हाल के दिनों में भी वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ साये की तरह नजर आए हैं।

ऐसे में कोसी स्नातक चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मनोज जायसवाल की जीत सुनिश्चित करने के लिए सांसद पप्पू यादव अपनी पूरी सियासी ताकत झोंकेंगे। वे न सिर्फ महागठबंधन के पारंपरिक वोटरों को कांग्रेस के पक्ष में मोड़ने की कोशिश करेंगे, बल्कि गैर-पारंपरिक और अन्य दलों के वोट बैंक में भी सेंधमारी कर समीकरण बदलने का दम रखते हैं। नामांकन के बाद सियासी बिसात पूरी तरह साफ होगी, लेकिन एक बात तय है कि कांग्रेस की एंट्री ने राजद के लिए राह बेहद पथरीली कर दी है।

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