पूर्णिया में 'अर्णब' चक्रवात का असर शुरू, बूंदाबांदी से लुढ़का पारा, अगले 48 घंटे के लिए येलो अलर्ट
Arnab Cyclone Impact Rain :बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्णब' का असर पूर्णिया और सीमांचल में दिख रहा है, ...और पढ़ें

बारिश से बचने का कोशिश करते लोग. जागरण.
HighLights
चक्रवात 'अर्णब' के कारण पूर्णिया में बूंदाबांदी, तापमान गिरा।
अगले 48 घंटे के लिए येलो अलर्ट, तेज हवा, बारिश, वज्रपात।
नागरिकों और किसानों के लिए सुरक्षा संबंधी विशेष परामर्श जारी।
संवाददाता, पूर्णिया। Arnab Cyclone Impact Rain: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' (Arnab Cyclone) का असर अब पूर्णिया और सीमांचल के अन्य जिलों में साफ तौर पर दिखने लगा है। हालांकि इस क्षेत्र में इसका आंशिक प्रभाव ही है, लेकिन इसके बावजूद मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव आ गया है।
गुरुवार को दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। बादलों की घनी चादर के कारण पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए और चली ठंडी हवा ने तापमान को सामान्य से नीचे ला दिया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को दिन में 0.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी
पूर्णिया मौसम केंद्र के वैज्ञानिक सहायक राकेश कुमार ने जानकारी दी कि बंगाल की खाड़ी में बने इस चक्रवाती तूफान के कारण इलाके में नमीयुक्त पुरबा हवा (4 से 5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से) चल रही है, जिसके प्रभाव से तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक 'अर्णब' साइक्लोन का असर बने रहने की संभावना जताई है। इस दौरान 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, हल्की से मध्यम बारिश होने तथा कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका है। इसे देखते हुए अगले 24 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वज्रपात और खराब मौसम से बचाव एडवाइजरी
प्रशासन और मौसम विभाग ने भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात से सुरक्षित रहने के लिए नागरिकों के वास्ते विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
जलभराव वाले रास्तों, निचले इलाकों और तेज बहाव वाले पानी से गुजरने से बचें।
मेघगर्जन या आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों।
तुरंत किसी सुरक्षित, मजबूत पक्के मकान के अंदर शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से पूरी तरह परहेज करें।
बिजली के उपकरणों और तारों के संपर्क से दूर रहें।
खराब मौसम के दौरान कमजोर संरचनाओं, टिन की छतों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
नदियों में नौकायन और परिवहन नियमों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करें।
किसानों के लिए विशेष परामर्श
मौसम की इस बेरुखी को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र ने अन्नदाताओं से अपील की है कि यदि आवश्यक न हो, तो वे फिलहाल खेतों में धान की कटाई का काम स्थगित रखें और मौसम पूरी तरह अनुकूल होने के बाद ही कटाई का कार्य आगे बढ़ाएं।
