पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की शिकायत पर एक्शन, दौरम मधेपुरा स्टेशन भवन की गुणवत्ता जांचने पहुंची चीफ इंजीनियर की टीम
Dauram Madhepura Railway Station Construction Quality Inspection: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की शिकायत पर दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की गई।
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दौरम मधेपुरा स्टेशन में भवन निर्माण गुणवत्ता की जांच करते चीफ इंजीनियर समेत अन्य. जागरण
HighLights
पप्पू यादव की शिकायत पर स्टेशन निर्माण की जांच।
मुख्य अभियंता अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने निरीक्षण किया।
निर्माण में मिली खामियों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। Dauram Madhepura Railway Station Construction Quality Inspection: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन की निर्माण गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच की गई। रेलवे के चीफ इंजीनियर अनिल कुमार के नेतृत्व में पहुँची इंजीनियरों की एक उच्चस्तरीय टीम ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत बने नए स्टेशन भवन, बाउंड्री वॉल और परिसर के अन्य विकास कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच टीम में रेलवे प्लानिंग के चीफ इंजीनियर अनिल कुमार, रेलवे बिजली के चीफ इंजीनियर रामसूरत सिंह, डिप्टी सीपीएम प्रकाश केशव और सीनियर डीईएन थ्री रवींद्र कुमार राज सहित कई प्रमुख अधिकारी शामिल रहे। टीम ने निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्रियों की गुणवत्ता का मौके पर जायजा लिया।
प्रयोगशाला भेजे गए सैंपल, टाइल्स और प्लास्टर उखाड़कर की जाँच
निरीक्षण के दौरान तकनीकी टीम ने भवन और बाउंड्री से ईंट के टुकड़े, सीमेंट-बालू के मिश्रण और निर्माण में प्रयुक्त बालू के नमूने एकत्र किए। गुणवत्ता की सघन परख के लिए स्टेशन भवन की सतह पर लगी टाइल्स को उखाड़कर उनके सैंपल लिए गए, साथ ही भवन से एक वर्गफीट प्लास्टर भी काटकर जांच के लिए निकाला गया।

इसके अतिरिक्त बाउंड्री निर्माण में इस्तेमाल लोहे की छड़ों, सीमेंट के ब्रांड, पार्किंग व ड्रेन कवर में लगी टाइल्स तथा भवन में लगे फर्नीचर व इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। इन सभी नमूनों को अलग-अलग बोरों में सील कर संबंधित प्रयोगशाला (लैब) में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
निरीक्षण में सामने आईं ये खामियां
जांच के दौरान टीम को कुछ तकनीकी और निर्माण संबंधी कमियां भी मिलीं:
प्लेटफार्म पर वाटर बूथ के पास स्टोन पाया गया।
टाइल्स के नीचे मोर्टार की मोटाई चार इंच दर्ज की गई।
फाउंडेशन के पास कई स्थानों पर रीफिल किए गए 40 एमएम डाउन की मौजूदगी पाई गई।
वायरिंग में कुछ गड़बड़ियां मिलीं।
स्टेशन पर बने ओवरब्रिज के फाउंडेशन में एक नट खुला और दूसरा ढीला पाया गया।
अधिकारियों का पक्ष और सफाई अभियान
रेलवे के चीफ इंजीनियर अनिल कुमार ने बताया कि स्टेशन भवन निर्माण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर हर पहलू की जांच की है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश काम संतोषजनक पाया गया है, लेकिन जहाँ-जहाँ शिकायतें थीं या कमियाँ मिली हैं, वहाँ से नमूने ले लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और निर्माण कार्यों में मिली कमियों को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।
जांच टीम के आगमन के साथ ही स्टेशन परिसर में साफ-सफाई का कार्य भी तेज कर दिया गया। प्लेटफार्म, पार्किंग और अन्य जगहों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिससे पूरा परिसर साफ-सुथरा नजर आया। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव देवराज अर्स, प्रदेश सचिव शैलेंद्र कुमार, सौरभ कुमार समेत कई स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
16 करोड़ की लागत से हो रहा है आधुनिकीकरण
गौरतलब है कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत दौरम मधेपुरा स्टेशन को एक भव्य मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मुख्य स्टेशन भवन का निर्माण कराया गया है, जिसमें आधुनिक प्रतीक्षालय, हाइटेक शौचालय, फुट ओवरब्रिज, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, कोच इंडिकेटर, दिव्यांगजनों के लिए रैंप, सर्कुलेटिंग एरिया और आकर्षक पार्किंग जैसी यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
