डंकी रूट से विदेश भेजने का खेल, AIMIM नेता की गिरफ्तारी से सीमांचल में हड़कंप; पहले से दर्ज हैं कई केस
AIMIM नेता हाजी नाहिद गनी और मोहम्मद तवरेज को सीमांचल के युवाओं को 'डंकी रूट' से विदेश भेजने और नौकरी ...और पढ़ें

हाजी नाहिद गनी। फाइल फोटो
HighLights
हाजी नाहिद गनी, मोहम्मद तवरेज 'डंकी रूट' मामले में गिरफ्तार।
सीमांचल के युवाओं से विदेश नौकरी के नाम पर मोटी रकम ठगी।
पुलिस मानव तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
संवाद सूत्र, बैसा (पूर्णिया)। विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर सीमांचल के बेरोजगार युवाओं से कथित ठगी करने और उन्हें अवैध रास्तों से विदेश भेजने के आरोप में हाजी नाहिद गनी को गिरफ्तार किया गया है।
किशनगंज पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से पटना में कार्रवाई करते हुए हाजी नाहिद गनी के साथ मोहम्मद तवरेज को भी गिरफ्तार किया।
हाजी नाहिद गनी पूर्णिया जिले के रौटा का निवासी है, जबकि दूसरा आरोपी मोहम्मद तवरेज अनगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है। गए हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद सीमांचल में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी और कबूतरबाजी के नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ किशनगंज और पूर्णिया जिले के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। आरोप है कि युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
इसके बाद उन्हें दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में रोजगार दिलाने का प्रलोभन दिया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, अब तक कितने युवाओं को विदेश भेजा गया और उनसे कितनी रकम वसूली गई।
गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
AIMIM नेता की गिरफ्तारी से फिर चर्चा में आया विदेश में नौकरी का झांसा
सीमांचल के युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर कथित ठगी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इसी साल अगस्त में पूर्णिया के अमौर और किशनगंज के कोचाधामन क्षेत्र के सात युवकों के दुबई में फंसे होने का मामला सामने आया था। युवकों ने वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई थी।
उनका आरोप था की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए गए, लेकिन विदेश पहुंचने के बाद उन्हें वादा किया गया रोजगार नहीं मिला।
युवकों ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके पासपोर्ट एजेंट के पास थे और पैसे खत्म होने के बाद उनके सामने खाने-पीने तक का संकट खड़ा हो गया था।
विदेश में फंसे इन युवकों का वीडियो सामने आने के बाद किशनगंज के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने उनका मोबाइल नंबर लेकर वीडियो कॉल पर बातचीत की थी।
बातचीत के दौरान दुबई में फंसे एक युवक ने बताया था कि वे लोग 17 दिनों से वहां फंसे हुए हैं। घर से लाए गए पैसे खत्म हो चुके हैं और खाने-पीने तथा रहने की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। इनलोगों को भी हाजी नाहिद गनी ने ही विदेश भेजा था
1.80 लाख रुपये लेकर थाईलैंड के रास्ते मलेशिया भेजने का आरोप
किशनगंज पुलिस के सामने आए एक अन्य मामले में विदेश भेजने के नाम पर 1.80 लाख रुपये लेने और युवक को कथित तौर पर अवैध रास्ते से मलेशिया पहुंचाने का आरोप है।
विशनपुर थाना कांड संख्या 47/26 में शिकायतकर्ता मोहम्मद सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके बेटे नूरजफर को विदेश भेजने के नाम पर यह रकम ली गई थी।
शिकायत के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को नूरजफर को पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड के क्राबी भेजा गया। इसके बाद 18 सितंबर को कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए उसे मलेशिया में प्रवेश कराया गया।
पुलिस के अनुसार, मलेशिया पहुंचने के बाद नूरजफर को कई अन्य युवकों के साथ एक कमरे में रखा गया और बाद में जोहोर स्थित बायोसीन एसडीएन बीएचडी नामक कंपनी में काम पर लगाया गया।
एसडीपीओ खुसरु सिराज के अनुसार, मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी के दौरान कई युवकों को गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान नूरजफर जंगल में छिपकर गिरफ्तारी से बच निकला और बाद में स्थानीय एजेंट की मदद से भारत लौट आया।
इस मामले में पुलिस विदेश भेजने के नाम पर रकम वसूलने, युवाओं को कथित रूप से अवैध रास्ते से दूसरे देश में पहुंचाने और वहां उनके साथ हुए व्यवहार की जांच कर रही है।
पूर्णिया से किशनगंज तक दर्ज मामलों की जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से जुड़े मामलों का उल्लेख किशनगंज जिले के कोचाधामन, बहादुरगंज और विशनपुर थानों के अलावा पूर्णिया जिले के रौटा थाना में दर्ज कांडों के रूप में किया गया है।
इन मामलों में धोखाधड़ी, मानव तस्करी से जुड़े आरोपों और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने एसटीएफ के सहयोग से दोनों आरोपितों को पटना से गिरफ्तार किया।
हाजी नाहिद गनी और मोहम्मद तवरेज की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा अब कथित एजेंटों, विदेश में संपर्क रखने वाले लोगों और युवाओं को अलग-अलग देशों के रास्ते भेजने की व्यवस्था तक पहुंच सकता है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवाओं से रकम लेने के बाद उन्हें किन माध्यमों से विदेश भेजा जाता था और मलेशिया में कथित तौर पर सक्रिय एजेंटों की इसमें क्या भूमिका थी।
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